जयपुर. जब भी देश के टॉप ब्यूरोक्रेट्स और रिजल्ट ओरिएंटेड अफसरों की फेहरिश्त सामने आती है तो एक बड़ा नाम सबसे पहले सामने आता है राजस्थान काडर के आईएएस अफसर पवन अरोड़ा का. हर वक्त अपनी बेहतरीन वर्किंग स्टाइल, इनोवेटिव आइडिया और कुछ नए अचीवमेंट के लिए मीडिया की सुर्खियों में छाए रहने वाले ब्यूरोक्रेसी के चर्चित अफसर पवन अरोड़ा एक बार फिर एक नई उपलब्धि के साथ चर्चा में हैं।
आपने अब तक स्टार्टअप प्लेयर्स की ही टर्न ओवर से जुड़ी सक्सेज स्टोरीज सुनी होंगी लेकिन इस बार आप एक सरकारी महकमें के इस अचीवमेंट के बारे में जान लीजिए. राजस्थान आवासन मण्डल एक ऐसा विभाग था जिसे लगातार हो रहे घाटे और बढते खर्चे, आउटपुट ना मिलने के चलते सरकार बंद करने की सोच रही थी. लेकिन आज यही विभाग सरकार के लिए बड़ी रवेन्यू जनरेट कर रहा है.
राजस्थान आवासन मंडल का वित्तीय वर्ष 2021-22 का लेखा-जोखा देखें तो सरकार के मौजूदा कार्यकाल में मंडल का टर्नओवर 6 हजार करोड़ रुपए के पार पहुंच गया है. यह वही आवासन मंडल है जिसका वित्तीय वर्ष 2018-19 में मात्र 118 करोड़ रूपये का टर्नओवर था. लेकिन जैसे ही पवन अरोड़ा ने इस महकमे का जिम्मा संभाला तो वित्तीय वर्ष 2021-2022 में टर्न ओवर 3 हजार 12 करोड़ के पार पहुंच गया. और अब 6 हजार करोड़ के पार हो गया है.

नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री शांति धारीवाल ने शुक्रवार को अपने निवास पर राजस्थान आवासन मण्डल का वित्तीय वर्ष 2021-22 का लेखा-जोखा जारी किया। धारीवाल ने बताया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में मंडल का टर्नओवर 6 हजार करोड़ रूपये के पार चला गया है, जो कि अब तक का सर्वाधिक है। इस अवसर पर आयुक्त पवन अरोड़ा ने यूडीएच मंत्री को मण्डल का आय-व्यय ब्यौरा सौंपा।
बड़ी बात यह है कि 4 हजार 536 करोड़ रूपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है और 1600 करोड़ रूपये किश्तों से आना बाकी हैं. इसमें आवासीय सम्पत्तियों के विक्रय से प्राप्त होने वाला 620 करोड़ रूपये और प्रीमियम सम्पत्तियों के ई-ऑक्शन से प्राप्त होने वाला 980 करोड़ रूपये शामिल है।
नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री शांति धारीवाल ने बताया कि हमने जब सत्ता संभाली तो मंडल हमें आर्थिक रूप से बदहाल मिला था। उन्होंने आंकड़ों के माध्यम से स्पष्ट करते हुए बताया कि हमारी सरकार के गठन के समय यानी वित्तीय वर्ष 2018-19 में मंडल का टर्नओवर मात्र 118.58 करोड़ रूपये था। हमने मंडल को रिवायव करने के लिए जो प्रयास किए उनका ही परिणाम है कि साल दर साल न केवल इसका टर्नओवर बढ़ा बल्कि इसके राजस्व में भी रिकॉर्ड वृद्धि हुई। वित्तीय वर्ष 2019-20 में 841.57 करोड़ रूपये, 2020-21 में 2163.65 करोड़ रूपये और 2021-22 में 3012.45 करोड़ रूपये का टर्न ओवर रहा।
आयुक्त पवन अरोड़ा ने बताया कि मुख्यमंत्री और यूडीएच मंत्री के निर्देशन में मंडल ने किया रिकॉर्ड स्थापित किया है. मंडल में लगभग 1700 करोड़ रूपये के नए निर्माण कार्य प्रारंभ किए गए हैं। मंडल द्वारा लगभग 319 करोड़ की लागत से जयपुर के प्रताप नगर में देश का पहला कोचिंग हब बनाया जा रहा है। जयपुर के मानसरोवर में 70 करोड़ की लागत से सिटी पार्क और इसके सामने 14 करोड़ रूपये की लागत से फाउंटेन स्क्वायर बनाया जा रहा है। लगभग 16 करोड़ रूपये की लागत से जयपुर चौपाटी और मानसरोवर का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि 266.176 करोड़ रूपये की लागत से विधायक आवास परियोजना का निर्माण कार्य करवाया जा रहा है। इसके साथ ही 80 करोड़ रूपये की लागत से कॉन्स्टीट्यूशन क्लब ऑफ राजस्थान का निर्माण कार्य करवाया जा रहा है। अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों के लिए जयपुर के प्रताप नगर में लगभग 125 करोड़ रूपये की लागत से आईएस रेजीडेंसी का निर्माण का करवाया जा रहा है। लगभग 125 करोड़ रूपये की लागत से मुख्यमंत्री शिक्षक एवं प्रहरी आवास योजना का निर्माण कार्य पूर्णता की ओर है। गरीबों को आवास उपलब्ध करवाने के लिए 4 मुख्यमंत्री जन आवास योजनाओं में 207 करोड़ रूपये की लागत से आवास बनवाए जा रहे हैं। इसके साथ ही 18 छोटे शहरों में आवासीय योजनाएं सृजित की जा रही हैं, जिनमें लगभग 338 करोड़ रूपये के निर्माण कार्य चल रहे हैं।
बहरहाल पवन अरोड़ा की इस वर्किंग स्टाइल के ब्यूरोक्रेसी में भी खासे चर्चे हैं. उनके शांत स्वभाव के साथ इस तरह के प्रेशर में बेहतरीन काम करने की स्टाइल हर अफसर के लिए प्रेरणा बनी हुई है. यही कारण है कि राजस्थान के मुख्यमंत्री और विभाग के मंत्री भी कई बार मुक्त कंठों से सार्वजनिक मंचों पर भी उनकी खुलकर तारीफ कर चुके हैं.