नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत की गई घोषणाओं को लेकर राहत पैकेज का दूसरा ब्रेकअप गुरुवार को जारी किया गया. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि कैसे राहत दी जाएगी. 20 लाख करोड़ रुपए के आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत गुरुवार को उन्होंने कुल 9 घोषणाएं कीं. इनमें से 3 घोषणाएं प्रवासी मजदूर, 2 छोटे किसानों और एक-एक घोषणा मुद्रा लोन, स्ट्रीट वेंडर्स, हाउसिंग और आदिवासी क्षेत्रों में रोजगार से जुड़ी थीं.
- वित्त मंत्री ने इन घोषणाओं से 67 करोड़ गरीब, 8 करोड़ प्रवासी मजदूर, 5.5 करोड़ किसान, 50 लाख स्ट्रीट वेंडर्स, 37 लाख छोटे कारोबारी, 2.5 लाख मध्यम वर्गीय परिवार लाभांवित होंने का दावा किया है.
-50 लाख रेहड़ी-पटरी कारोबारियों के लिए 10 हजार रुपये का विशेष लोन दिया जाएगा. इसके लिए सरकार 5 हजार करोड़ खर्च करेगी.
-मिडिल इनकम ग्रुप 6 से 18 लाख सालाना इनकम वालों को हाउसिंग लोन पर क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम मई 2017 में शुरू हुई है. इसे 31 मार्च 2020 तक बढ़ाया गया था. अब इसे बढ़ाकर मार्च 2021 तक किया गया.
-शहरी गरीब प्रवासियों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना किफायती किराये पर मकान की योजना शुरू करेगी.
-जिनके पास राशन कार्ड या कोई कार्ड नहीं है, उन्हें भी 5 किलो गेहूं, चावल और एक किलो चना की मदद. 8 करोड़ प्रवासी मजदूरों को इसका फायदा होगा. इसमें 3500 करोड़ रुपये का खर्च होगा. राज्य सरकारों के जरिए इस कारगर बनाया जाएगा. राज्यों के पास ही इन मजदूरों की जानकारी है. अगले दो महीने तक यह प्रक्रिया लागू रहेगी.
- छोटे कारोबारियों को कोरोना और लॉकडाउन की वजह से सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। उन्हें सरकार कर्ज पर लगने वाले ब्याज में 2% की छूट देगी. इसका लाभ उन 37 लाख छोटे कारोबारियों को मिलेगा जिनका कारोबार अभी शुरुआती दौर में है और जिन्होंने 50 हजार रुपए तक का लोन लिया है.
- किसानों को कम ब्याज दरों पर कर्ज की सुविधा मिलेगी. 2.5 करोड़ किसान, मछुआरे और पशु पालने वाले इसका फायदा उठा सकेंगे. यह फायदा किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए दिया जाएगा। सरकार ने इसके लिए 2 लाख करोड़ रुपए दिए हैं.
- शहरी, गांवों और कस्बाई इलाकों में आदिवासियों के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने के लिहाज से सरकार 6000 करोड़ रुपए खर्च करेगी. जंगलों, वन्यजीवों की हिफाजत, पौधे लगाने, मिट्टी सहजने और इनसे जुड़े कामों में रोजगार दिए जाएंगे.