आरपीएससी में पास करवाने के नाम पर 18 लाख 50 हजार की रिश्वत मामले में गोपाल केसावत गिरफ्तार


जयपुर। राजस्थान एसीबी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरपीएससी द्वारा आयोजित अधिशासी अधिकारी भर्ती परीक्षा में पास करवाने के नाम पर 18 लाख 50 हजार की रिश्वत लेते राज्य घुमन्तु जाति कल्याण बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष गोपाल केसावत को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर सीकर इकाई द्वारा पिछले दो दिनों में सीकर एवं जयपुर में कार्यवाही करते हुये गोपाल केसावत के साथ अनिल कुमार धरेन्द्र, ब्रह्मप्रकाश, रविन्द्र शर्मा को भी गिरफ्तार किया है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के अतिरिक्त महानिदेशक हेमन्त प्रियदर्शी के निर्देश पर एसीबी के महानिरीक्षक सवाई सिंह गोदारा, उप महानिरीक्षक कालूराम रावत, उप अधीक्षक राजेश जांगिड़ की टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के अतिरिक्त महानिदेशक हेमन्त प्रियदर्शी ने बताया कि एण्सीण्बीण् की सीकर इकाई को परिवादी द्वारा शिकायत दी गई कि राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित अधिशासी अधिकारी भर्ती परीक्षा में पास करवाने एवं OMR शीट बदलवाने के नाम पर गोपाल केसावत पूर्व अध्यक्षए राज्य घुमन्तु जाति कल्याण बोर्ड (राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त), अनिल कुमार धरेन्द्रए ब्रह्मप्रकाश, रविन्द्र शर्मा (प्राईवेट व्यक्ति) द्वारा 40 लाख रुपये रिश्वत राशि मांग कर परेशान किया जा रहा है। जिस पर एसीबी, जयपुर के उप महानिरीक्षक पुलिस कालूराम रावत के सुपरवीजन में एसीबी सीकर इकाई के उप अधीक्षक पुलिस राजेश जांगिड़ के नेतृत्व में शिकायत का सत्यापन किया तो आरोपियों द्वारा 25 लाख रुपये रिश्वत मांग का सत्यापन हुआ। जिसपर दिनांक 14.7.2023 को सीकर में अनिल कुमार धरेन्द्र पुत्र  सत्यनारायण निवासी हनुमानगढ़ टाउन एवं ब्रह्मप्रकाश पुत्र देवेंद्र शर्मा निवासी दिल्ली को परिवादी से 18 लाख 50 हजार रुपये रिश्वत राशि लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। कार्यवाही को गोपनीय रखा जाकर उसी दिन देर रात सीकर में रविन्द्र शर्मा पुत्र श्री बलराम निवासी टिब्बीए हनुमानगढ़ को 7 लाख 50 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया। इसी अनुक्रम में आज जयपुर में आरोपी गोपाल केसावत पुत्र श्री हरचंदा निवासी कुंभा मार्गए प्रतापनगरए जयपुर भूतपूर्व अध्यक्षए राज्य घुमन्तु जाति कल्याण बोर्ड ;राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्तद्ध को परिवादी से 7 लाख 50 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया। एसीबी के महानिरीक्षक पुलिस सवाई सिंह गोदारा के निर्देशन में आरोपियों से पूछताछ जारी है। उल्लेखनीय है कि आरोपियों से अभी तक की पूछताछ में आरण्पीण्एसण्सीण् के किसी सदस्यध्अधिकारी कर्मचारी की संलिप्तता सामने नहीं आई है। एसीबी द्वारा मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अन्तर्गत प्रकरण दर्ज कर अग्रिम अनुसंधान किया जायेगा।