जयपुर। गैंगस्टर बदमाश राजू ठेहट को जयपुर में महेश नगर थाना पुलिस ने उसके चार साथियों के साथ गिरफ्तार कर लिया है। बड़ी बात यह है कि बीजेपी नेता प्रेमसिंह बाजौर के घर से राजू ठेहट की गिरफ्तारी हुई है। जहां उसके तीन गनमैन और एक रसोइया भी शामिल है।
महेश नगर थाना सीआई सज्जन सिंह कविया ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस को जानकारी मिली थी की राजू महेश नगर इलाके में कहीं बैठा है। इस पर पुलिस ने मकान पर पहुंच कर उससे पूछताछ की तो वह पुलिस के साथ सहयोग नहीं कर रहा था। जिस पर उसे थाने लाकर धारा 151 में गिरफ्तार किया है। स्वेज फार्म स्थित सुंदरसिंह भंडारी नगर के प्लॉट नम्बर 30 जो कि प्रेमसिंह बाजोर का है, वहीं पर बीती रात को महेश नगर थाना पुलिस गई थी।पुलिस को वहां राजू अपने साथियों के साथ मिला। जिसे पुलिस रात को थाने लेकर आई और पूछताछ करने के बाद छोड़ दिया।
गुरुवार को फिर महेश नगर थाना पुलिस ने राजू ठेहट के पास गई और उसे पकड़ कर थाने ले आई। इस दौरान पुलिस ने राजू सहित पांच लोगों को शांतिभंग में गिरफ्तार किया।
बताया जा रहा है कि राजू ठेहट सीकर के बाद जयपुर में अपनी जड़ें मजबूत करना चाहता है। इसी मकसद से उसने जयपुर को अपना सुरक्षित ठिकाना बना लिया था। इतना ही नहीं विवादित जमीनों और सट्टा कारोबारियों पर भी राजू ठेहट की नजरें हैं। इसी के चलते कई राजू ठेहट की कई बदमाशों से रंजिश चल रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार राजू ठेहट की मनोज नेहरा नाम के एक बदमाश से रंजिश चल रही थी। मनोज नेहरा राजू ठेहट का दुश्मन था। अपना वर्चस्व बनाए रखने के लिए मनोज मेहरा राजू ठेहट की हत्या करना चाहता था। बीते दिनों करणी विहार थाना पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के आरोप में मनोज को गिरफ्तार किया था।
जिसमें खुलासा हुआ था कि राजस्थान में फिर से गैंगवार शुरू होने की आशंका है। लगभग खत्म हो चुकी आनंदपाल गैंग फिर से एक्टिव होने का खुलासा हुआ था। चौंकाने वाली बात तो यह कि आनंदपाल गैंग अपने जानी दुश्मन राजू ठेहट को ठिकाने लगाने की फिराक में है। राजू ठेहट बीते दिनों जेल से बाहर आया। कभी आनंदपाल और राजू ठेहट में याराना हुआ करता था, मगर फिर यह दोस्ती दुश्मनी में बदल गई। आनंदपाल जून 2017 को एनकाउंटर में मारा गया।