राजस्थान में महिलाओं का वैक्सीनेशन अनुपात कम, पूर्व CM राजे बोलीं, डोर टू डोर हो वैक्सीनेशन


जयपुर। राजस्थान में वैक्सीनेशन का कार्य जोर-शोर से चल रहा है लेकिन एक निराशा की बात यह है कि वैक्सीनेशन का अनुपात पुरुषों की तुलना में महिलाओं का कम है। यानी कि महिलाओं को कम तादाद में वैक्सीन लगी है। ऐसे में अब राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने महिलाओं की पैरवी करते हुए कहा है कि इस अनुपात के अंतर को खत्म करने के लिए डोर टू डोर वैक्सीनेशन अभियान चलाना चाहिए।

राजे ने कम भागीदारी पर चिंता जताते हुए कहा कि पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं में संक्रमण का ज़्यादा ख़तरा होता है, क्योंकि पूरे घर की ज़िम्मेदारी उसी पर होती है। परिवार में जब कोई बीमार पड़ता है तो उसकी देखभाल भी उस घर की महिलाएं ही करती हैं। इसलिए राज्य सरकार महिलाओं के लिए वैक्सीनेशन की व्यवस्था डोर-टू-डोर करे। राजस्थान में महिलाओं के वैक्सीनेशन का अनुपात पुरुषों के मुक़ाबले 94 प्रतिशत है। इसका प्रमुख कारण कामकाजी महिलाओं का घर के कामों में व्यस्त रहना है। महिला सुबह से देर रात तक घर के कामों से फ्री ही नहीं हो पाती। वे वैक्सीनेशन लगवाने के बजाय परिवार की सेवा करना ज्यादा जरूरी मानती है।

इसलिए राज्य सरकार महिलाओं के वैक्सीनेशन पर ध्यान दे, उन्हें प्रेरित करे। उन्होंने प्रदेश की महिलाओं से भी अपील की है कि वे घर के कामकाज से समय निकाल कर कोरोना से बचने के लिए हर हाल में वैक्सीनेशन करवाएं। साथ ही उन्होंने महिला नर्सिंगकर्मियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा सहयोगिनी, शिक्षिकाओं और महिला जनप्रतिनिधियों से भी आग्रह किया है कि वे अपने आस-पास की और परिचित महिलाओं को वैक्सीनेशन के लिए प्रेरित करें और इसमें भागीदारी निभाएं।