जयपुर कांग्रेस में नेताओं के दो पक्षों में जमकर जूतमपैजार, गाली गलौच से बिगड़ा माहोल


जयपुर. कांग्रेस में बढ़ता अंदरूनी कलह फिलहाल थमने का नाम नहीं ले रहा है. एक के बाद एक कई ऐसे मामले सामने आ रहे हैं जो कांग्रेस की एकजुटता को प्रभावित कर रहे हैं.

ताजा मामला राजस्थान कांग्रेस के सांगानेर विधानसभा क्षेत्र से जुड़ा है. जहां कांग्रेस प्रत्याशी रहे पुष्पेन्द्र भारद्वाज को अपशब्द कहने से विवाद इतना बढ गया कि दो गुटों में जमकर जूतमपैजार हुई. आलम यह रहा कि समय रहते स्थिति नहीं संभाली होती तो मामला काफी आगे बढ जाता. बताया जा रहा है कि कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने समझदारी दिखाते हुए बीच बचाव कर स्थिति को बिगड़ने से रोका.

घटनाक्रम के बाद दोनों ही पक्षों की ओर से जहां सांगानेर थाने में शिकायत की गई वहीं कांग्रेस के ​वरिष्ठ नेताओं के समक्ष भी अपना पक्ष रखा.

विनय प्रताप भोपर का आरोप है कि ' पुष्पेन्द्र भारद्वाज, उनके भाई ने अपने समर्थकों के साथ मिलकर मारपीट की. वो तो मेरे साथियों ने बीच बचाव कर दिया नहीं तो बच भी नहीं पाता. मैं खुद लहूलुहान हो गया. भारद्वाज सच्चाई नहीं पचा पा रहे. मेरे साथी बुद्धिप्रकाश से भी मारपीट की. उसकी बात को दबाने का मैंने विरोध किया था.'

 

उधर कांग्रेस नेता पुष्पेन्द्र भारद्वाज का आरोप है कि 'सांगानेर विधानसभा क्षेत्र में सांगानेर ब्लॉक अध्यक्ष के संगठन के चुनाव थे. वहां मानसरोवर ब्लॉक के चुनाव शाम को होना प्रस्तावित था. पर समय से पहले ही विनय प्रताप भोपर कुछ साथियों के साथ आकर चुनाव प्रक्रिया को बाधित करने लगा. गुंडागर्दी की और महिला कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में गाली गलौच और मारपीट की. जो कांग्रेस की संस्कृति नहीं है. अपनी बात रखने का एक सभ्य तरीका भी होता है लेकिन भोपर ने अपनी सीमाएं लांघते हुए चुनाव प्रक्रिया को बाधित किया. अपने ही कांग्रेस संगठन को बदनाम करने का कारनामा किया. कार्यकर्ताओं के साथ गली-गलौच, झगड़ा और मारपीट की, जो गलत है. मेरा इस घटनाक्रम से व्यक्तिगत कोई लेनदेना नहीं है. पर मैं माननीय प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा जी से इस मामले में विनय प्रताप भोपर और उनके गुडागर्दी करने वाले साथियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करता हूं.'