उत्तराखंड। केदारनाथ धाम में हेलिकॉप्टर उड़ाने में लापरवाही प्रथम दृष्टया हादसे का प्रमुख कारण माना जा रहा है। कपाट बंद होने से पहले केदारनाथ धाम में हुए बड़े हादसे में गरुड़चट्टी के पास हेलिकॉप्टर क्रैश हादसे में पायलट समेत 7 लोगों की मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो इस हादसे के पीछे लापरवाही जिम्मेदार रही। जहां खराब मौसम और घाटी में छाया कोहरा दुर्घटना का कारण बना।
हेलिकॉप्टर के एमआई-26 हेलीपैड से मस्ता के लिए उड़ान भरने से पहले ही मौसम खराब हो चुका था। घाटी में चारों तरफ कोहरा छाया होने के बावजूद इसके पायलट ने हेलिकॉप्टर की उड़ान भर एक बड़ा जोखिम उठाया जिसका नतीजा इस हादसे के रूप में देखा गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हेलिकॉप्टर क्रैश होते ही इतनी तेज धमाका हुआ कि वहां मौजूद लोग खौफ में आ गए। काफी दूर तक इस धमाके की आवाज सुनाई दी। क्रैश होते ही हेल़ीकॉप्टर के परखच्चे उड़ गए, आग लग गई और हेलिकॉप्टर पूरी तरह से नष्ट हो गया। हेलिकॉप्टर के गिरते ही शव इधर-उधर बिखर गए, शव जल गए।
उधर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस पूरे घटनाक्रम पर दुख जताया है। उन्होने उत्तराखंड में हुई हेलिकॉप्टर दुर्घटना में लोगों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए ट्वीट किया कि "उत्तराखंड में हुई हेलीकॉप्टर दुर्घटना से दुखी हूं। इस दुखद घड़ी में मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं।"