जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग ने आईटीओ के छठ घाट पर 'स्वच्छता के लिए श्रमदान' का आयोजन किया


देश में चल रहे स्वच्छता ही सेवा (एसएचएस), 2023 अभियान के भाग के रूप में और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 'एक तारीख एक घंटा एक साथ' के आह्वान से प्रेरणा लेते हुए, जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग (डीओडब्ल्यूआर) ने राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) के साथ गांधी जयंती की पूर्व संध्या पर नई दिल्ली के आईटीओ स्थित छठ घाट पर स्वच्छता अभियान का आयोजन किया। सुश्री देबाश्री मुखर्जी, सचिव, डीओडब्ल्यूआर, जल शक्ति मंत्रालय, श्री जी अशोक कुमार, महानिदेशक, राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आज सुबह 10 बजे से शुरू हुए इस स्वच्छता अभियान में हिस्सा लिया। वहां उपस्थित लोगों को स्वच्छता की शपथ दिलाई गई और प्रतिभागियों को घाट पर नुक्कड़ नाटक के माध्यम से स्वच्छ नदियों के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। लगभग 1,000 लोग इस अभियान में शामिल हुए और 6,000 किलोग्राम से ज्यादा कचरा एकत्रित किया गया।

देबाश्री मुखर्जी ने कहा कि 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान में समुदायों की भागीदारी बहुत महत्वपूर्ण है और इस आयोजन में कई गैर सरकारी संगठनों, युवा समूहों, बच्चों का शामिल होना प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि एनएमसीजी के नेतृत्व में जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत अनेक संगठन इस कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे हैं।

एनएमसीजी के महानिदेशक, अशोक कुमार ने कहा कि यह कार्यक्रम 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान के भाग के रूप में आयोजित किया जा रहा है, जिसका समापन 02 अक्टूबर 2023 को गांधी जयंती के दिन होगा, जिसे पूरे देश में स्वच्छ भारत दिवस के रूप में मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्वच्छता को एक जन आंदोलन बनाने के इस अभियान के अंतर्गत पिछले कुछ दिनों में गंगा बेसिन राज्यों में गंगा नदी और उसकी सहायक नदियों के घाटों पर नमामि गंगे और अर्थ गंगा के अंतर्गत स्वच्छता अभियान, नुक्कड़ नाटक, सांस्कृतिक कार्यक्रम आदि आयोजित किए गए हैं। उन्होंने कहा, “यह हम सभी का एक का कर्तव्य है कि हम अपनी नदियों और जलाशयों को स्वच्छ रखें।” श्री कुमार ने कहा कि यह पिछले डेढ़ वर्षों से एनएमसीजी द्वारा 22 किलोमीटर दिल्ली खंड के लिए चलाए जा रहे स्वच्छ यमुना अभियान का भी एक हिस्सा है।