राज्यों के वित्त मंत्रियों की प्री बजट चर्चा बैठक में ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने की मांग


नई दिल्ली। राज्यों के वित्त मंत्रियों की प्री बजट चर्चा बैठक में ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने की मांग जयपुर। नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री शांति धारीवाल ने शुक्रवार को केन्द्रीय वित्त मंत्री की अध्यक्षता में नई दिल्ली के मानेकशा सभागार में आयोजित प्री बजट चर्चा बैठक के दौरान राजस्थान का पक्ष जोरदार ढंग से रखते हुए कहा कि पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित किया जाए तथा इसके लिए आगामी केन्द्रीय बजट मे विशेष केन्द्रीय सहायता के रूप में प्रावधान रखा जाए। उन्होंने कहा कि 37247 करोड़ अनुमानित लागत की पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना से राज्य के 13 जिलों की बड़ी आबादी को सिंचाई एवं पेयजल का लाभ मिलेगा। जल जीवन मिशन पर राजस्थान कि मांग रखते हुए धारीवाल ने कहा कि प्रदेश में छितरी आबादी एवं विशाल क्षेत्रफल के कारण पेयजल की प्रति कनेक्शन लागत अन्य राज्यों की अपेक्षा में काफी अधिक आती है इसलिए राज्य के सीमित आर्थिक संसाधनों के मद्देनजर जलजीवन मिशन में राजस्थान को विशेष राज्य का दर्जा देते हुए केन्द्र की हिस्सेदारी को बढ़ाकर 90 प्रतिशत किया जाए। इसके अतिरिक्त जल जीवन मिशन के अन्तर्गत सतही स्त्रेतों पर आधारित 26 परियोजनाएं जिनकी लागत 300 करोड़ रूपये प्रति परियोजना से अधिक है, जिन्हें पूर्ण होने में 3.4 वर्ष का समय लगेगा। अतः इस योजना की अवधि 31 मार्च 2024 से बढ़ाकर 31 मार्च 2026 तक की जाये ।

धारीवाल ने कहा कि राज्य में प्रधान खनिजों की रॉयल्टी से प्राप्त राजस्व का राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान है। एमएमडीआर अधिनियम के प्रावधानों अनुसार रॉयल्टी रिवीजन के अधिकार केन्द्र सरकार में है। वर्ष 2017 से इन दरों में रिविजन नहीं होने से राज्यों के राजस्व पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है।

उन्होंने भारत सरकार से अनुरोध है कि एमएमडीआर अधिनियम के तहत लम्बे समय से लंबित प्रधान खनिजों की रायल्टी दरों में संशोधन किया जाए। बैठक के बाद धारीवाल ने बताया कि केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने राजस्थान की उक्त सभी जायज मांगों पर गम्भीरता से विचार करके केन्द्रीय बजट में इसका ध्यान रखने का आश्वासन दिया है। बैठक मे सचिव वित्त कृष्णकांत पाठक भी शामिल रहे।