गुरुवार देर रात चक्रवाती तूफान Cyclone Dana ओडिशा के पुरी तट से टकरा गया, जिससे पूरे राज्य में भारी तबाही मची है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, यह तूफान रात 12 बजे से 2 बजे के बीच भीतरकनिका राष्ट्रीय उद्यान और धामरा के बीच समुद्र तट से टकराया, जिसमें तेज हवाएं 100-120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थीं और भारी बारिश ने क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया। मौसम विभाग की भुवनेश्वर स्थित क्षेत्रीय निदेशक मनोरमा मोहंती ने बताया कि ओडिशा में पूरे दिन बारिश जारी रहेगी, जबकि रात तक तूफान कमजोर हो सकता है और ढेंकनाल और अंगुल जिलों की ओर बढ़ेगा।
ओडिशा में भारी तबाही, राहत कार्य शुरू
तूफान के चलते ओडिशा में 2 लाख से अधिक लोग बेघर हो गए हैं। फायर सर्विसेज के अधिकारी दीपक कुमार ने बताया कि धामरा में तेज हवाओं के कारण कई पेड़ गिर गए, जिससे सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं। राहत कार्य के तहत सबसे पहले नेशनल हाईवे और अन्य मुख्य मार्गों को साफ करने का काम शुरू किया गया है। इसके बाद आवासीय इलाकों में राहत और बचाव कार्य किए जाएंगे। राज्य सरकार और प्रशासन की टीमें प्रभावित इलाकों में तैनात हैं और जरूरतमंदों की सहायता के लिए पूरी तरह से सक्रिय हैं।
पश्चिम बंगाल में भी असर, कोलकाता एयरपोर्ट बंद
Cyclone Dana के असर से पश्चिम बंगाल में भी मौसम बिगड़ गया है। राज्य सरकार ने एहतियातन 1.59 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया है, जिनमें से 83,537 लोगों को राहत कैंपों में रखा गया है। कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस एयरपोर्ट को भी सुरक्षा के मद्देनजर बंद कर दिया गया है, और गुरुवार शाम से सभी उड़ानें रद्द कर दी गई थीं। तटीय क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरती जा रही है और आपातकालीन सेवाएं पूरी तरह सक्रिय हैं। जिला प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए विशेष व्यवस्था की है।
राहत कार्यों पर जोर
ओडिशा और पश्चिम बंगाल की सरकारें तूफान से प्रभावित इलाकों में तेजी से राहत और बचाव कार्य कर रही हैं। मुख्य सड़कों और हाईवे को साफ करने का काम प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है ताकि परिवहन व्यवस्था सुचारू हो सके। इसके साथ ही लोगों के लिए सुरक्षित ठिकानों में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति भी सुनिश्चित की जा रही है।