मुंबई। मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में ली अंतिम सांस. टाटा ग्रुप के चेयरमैन रतन टाटा का के निधन से देश में शोक की लहर है। उन्हें सोमवार को उम्र संबंधी बीमारियों के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जिसके बाद उनकी हालत गंभीर होने की खबर सामने आई थी। और सेहत में सुधार नहीं हो रहा था।
बता दें कि 0रतन टाटा भारत के प्रमुख उद्योगपतियों में से एक थे और टाटा समूह के पूर्व अध्यक्ष के रूप में दुनिया भर में जाने जाते थे। उनका जन्म 28 दिसंबर 1937 को हुआ था। रतन टाटा को उनकी सादगी, विनम्रता, और व्यवसायिक उत्कृष्टता के लिए विशेष रूप से सराहा जाता रहा है। उन्होंने 1991 में टाटा समूह की कमान संभाली और इस समूह को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी पहचान दिलाई।
उनकी नेतृत्व क्षमता के तहत टाटा समूह ने कई उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल कीं, जिनमें टाटा मोटर्स द्वारा जगुआर लैंड रोवर और टाटा स्टील द्वारा कोरस का अधिग्रहण शामिल है। इसके साथ ही, उन्होंने टाटा नैनो जैसी किफायती कार लॉन्च की, जो दुनिया की सबसे सस्ती कार मानी जाती थी।
रतन टाटा को उनकी मानवता और परोपकारी दृष्टिकोण के लिए भी जाना जाता है। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर योगदान दिया है। टाटा ट्रस्ट्स के माध्यम से वे समाज कल्याण के कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स का समर्थन करते हैं।
भारत सरकार ने रतन टाटा को उनकी सेवाओं के लिए पद्म भूषण (2000) और पद्म विभूषण (2008) जैसे प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा है। वे भारतीय उद्योग जगत के प्रेरणास्रोत माने जाते हैं और आज भी अपने परोपकारी कार्यों और सरल जीवनशैली के लिए प्रसिद्ध हैं।