जयपुर। प्रदेश की यूनिवर्सिटी की परीक्षाओं पर बहुप्रतिक्षित फैसला आ गया है। 20 लाख विद्यार्थियों की परीक्षा से जुड़े मामले में समिति की रिपोर्ट के मुताबिक अंतिम वर्ष की परीक्षा ही आयोजित करवाई जाएगी। प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को प्रमोट किया गया। वही, द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों को प्रोविजनल प्रमोट किया गया है, इन्हें आगे की कक्षाओं में अस्थाई प्रवेश मिलेगा।
प्रदेश की यूनिवर्सिटी की परीक्षाओं को लेकर किए गए महत्वपूर्ण निर्णय के मुताबिक सर्वोच्च न्यायालय, यूजीसी गाइडलाइंस व उच्च स्तरीय समिति की रिपोर्ट के अनुसार फैसला लिया गया है। फाइनल ईयर/सेमेस्टर की परीक्षाएं जुलाई के महीने के अंतिम सप्ताह या अगस्त के पहले सप्ताह में आयोजित होंगी।
रविवार को उच्च शिक्षा मंत्री के निवास पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी ने बताया कि प्रथम व द्वितीय वर्ष के स्टूडेंट्स को प्रमोट किया गया है। इन्हें परिणाम आने से पूर्व अगली कक्षाओं में स्थाई व अस्थाई प्रवेश दिया जाएगा। वही, फाइनल ईयर के स्टूडेंट की परीक्षा आयोजित की जाएगी। उच्च शिक्षा मंत्री भाटी ने बताया कि शिक्षाविदों की गठित कमेटी की सिफारिश के अनुसार कोविल गाइडलाइन की पालना करते हुए परीक्षाएं आयोजित करवाई जाएगी। जिसके तहत फाइनल ईयर की परीक्षाओं के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है।
उन्होंने बताया कि फाइनल ईयर में तीन विषय के 2-2 पेपर आयोजित किए जाते हैं। जिसके तहत 6 दिन तक पेपर होते थे। लेकिन इस बार कोरोना की दूसरी प्रचंड लहर के कारण इस में परिवर्तन किया गया है।
नई परीक्षा प्रणाली के तहत अब इन छह पेपरों को 3 दिन में ही आयोजित करवाया जाएगा। प्रत्येक दिन पहला और दूसरा पेपर आयोजित किया जाएगा। हर पेपर की अवधि डेढ़- डेढ़ घंटा होगी। छात्रों को प्रश्न पत्र के किसी भी सेक्शन से 50% प्रश्न ही करने की छूट होगी।