जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक बार फिर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। उन्होंने केंद्र सरकार के बजट को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी द्वारा बजट के संदर्भ में दिया गया वक्तव्य वास्तविकता के विपरीत है। बजट को अमृतकाल का बजट कहें या कुछ और, उससे यह सच्चाई नहीं बदलने वाली कि भाजपा की नीतियों के कारण देश हर पैमाने पर पिछड़ रहा है। अर्थव्यवस्था की स्थिति खराब हो चुकी है, बेरोजगारी बढ़ रही है, उधोग-धंधे बड़ी संख्या में बंद हो गये हैं, ईंधन और जरूरी सामान की कीमतें आम आदमी के लिये बोझ बन गयी हैं।
गहलोत ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी बजट को युवाओं, मध्यम वर्ग, गरीबों, किसानों के हित का बता रहे हैं जबकि बजट में इनके लिये कोई ठोस प्रावधान ही नहीं है। भारत कृषि प्रधान देश है, और यह पहला ऐसा बजट है जिसमें किसानों को कुछ भी नहीं दिया गया। जहां एनडीए के शासन में गरीबी बढ़ रही है, वहीं सरकार ने बजट में जनकल्याण की किसी योजना का ऐलान नहीं किया। इसके विपरीत मनरेगा – यूपीए के समय की जनहितकारी योजना जिसने कोरोना में गरीबों को संबल दिया, उसका बजट ही घटा दिया गया। मनरेगा का बजट भाषण में या मोदी जी के वक्तव्य में कोई जिक्र तक नहीं किया गया। एनडीए सरकार अगले 25 साल की प्लानिंग की बात करती है परंतु यह नहीं देखती कि आज की नीतियां मजबूत होंगी तभी भविष्य भी बेहतर होगा। भाजपा ने देश के विकास को हर दिन पीछे ले जाने का काम किया है। एनडीए की गलत नीतियों का परिणाम आने वाले समय में देश को भुगतना पड़ेगा।