जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि सेना जैसे संवेदनशील संस्थान में संविदा भर्ती करना अविवेकपूर्ण फैसला है। सेना को अभी तक गैर-राजनीतिक एवं वित्तीय बंधनों से मुक्त रखा गया। एक तरफ तो यह तर्क दिया गया कि सेना में न्यू पेंशन स्कीम (NPS) को भी इसलिए ही लागू नहीं किया जिससे सैनिक भविष्य की चिंता किए बगैर अपना योगदान दे सकें। अग्निपथ योजना युवाओं के भविष्य एवं देश की सुरक्षा से खिलवाड़ है।
उन्होंने कहा कि राजस्थान के हजारों युवा देशसेवा के लिए सेना में भर्ती होते हैं। अग्निपथ योजना से राजस्थान समेत भारत के लाखों युवाओं में रोष एवं नाराजगी है। पूरे देश में जिस तरह युवा आक्रोशित होकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं उसे देखते हुए इस योजना को केन्द्र सरकार अविलंब वापस लेना चाहिए। मैं युवाओं से अपील करता हूं कि विरोध में हिंसा का रास्ता ना अपनाएं।
बता दें कि केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना के खिलाफ देश में विरोध के स्वर उठ खड़े हुए हैं। बिहार से निकली ये चिंगारी यूपी, हरियाणा, हिमाचल समेत 7 राज्यों तक पहुंच गई है। दुखद बात यह रही कि हरियाणा के रोहतक में इस योजना के विरोध में एक छात्र ने आत्महत्या कर ली। इधर, पलवल में हंगामा कर रहे छात्रों ने पुलिस की तीन गाड़ियां जला दीं। बिहार में ट्रेनों का परिचालन सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। CPRO के अनुसार बिहार में पूर्व मध्य रेलवे के तहत गुरुवार को 4 रेल डिवीजन के 7 रेल रूटों को बाधित किया गया।