नई दिल्ली। भारत निर्वाचन आयोग ने 18 जुलाई, 2022 को निर्धारित राष्ट्रपति चुनाव, 2022 के संचालन के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी समेत राज्य विधान सभा सचिवालयों को निर्दिष्ट मतपेटियों, मतपत्रों, विशेष पेन और अन्य सीलबंद चुनाव सामग्री का वितरण एवं प्रेषण शुरू कर दिया है। चुनाव सामग्री को समयबद्ध और सुरक्षित तरीके से राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को भेजने के लिए निर्वाचन सदन, नई दिल्ली में यह दो दिवसीय अभ्यास-कार्य मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार और चुनाव आयुक्त अनूप चंद्र पांडेय की देख-रेख में किया जा रहा है।
आयोग ने मतदान के संचालन से संबंधित विशिष्ट दिशानिर्देश पहले ही जारी कर दिए हैं और इन्हीं दिशानिर्देशों के अनुरूप सहायक निर्वाचन अधिकारियों एवं पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षित किया गया है। राष्ट्रपति चुनाव के संचालन से जुड़ी चुनाव प्रक्रिया के सभी पहलुओं के बारे में जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से 13 जून, 2022 को विज्ञान भवन में निर्वाचन अधिकारियों, सहायक निर्वाचन अधिकारियों तथा मुख्य चुनाव अधिकारियों के लिए एक कार्यशाला का भी आयोजन किया गया था। आयोग ने चुनाव के दौरान मतदान एवं मतगणना की व्यवस्था की निगरानी के लिए 37 पर्यवेक्षकों की नियुक्ति भी की है और 11 जुलाई 2022 को इन पर्यवेक्षकों की एक ब्रीफिंग बैठक भी आयोजित की गई थी। ये पर्यवेक्षक भारत सरकार के अतिरिक्त सचिव/संयुक्त सचिव स्तर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हैं। आयोग ने विभिन्न राज्यों/ केन्द्र - शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में स्थित 30 मतदान-केन्द्रों में से प्रत्येक पर मतदान की निगरानी के लिए एक पर्यवेक्षक और संसद भवन के लिए दो पर्यवेक्षकों को तैनात किया है। नामित पर्यवेक्षक निर्वाचन अधिकारियों एवं सहायक निर्वाचन अधिकारियों द्वारा मतपेटियों व चुनाव सामग्रियों की सुरक्षा तथा परिवहन के लिए की गई व्यवस्था का जायजा लेंगे और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करेंगे। संसद भवन में प्रतिनियुक्त पर्यवेक्षक 21 जुलाई 2022 को मतगणना प्रक्रिया की निगरानी भी करेंगे।