मोरबी। गुजरात के मोरबी में रविवार शाम करीब 7 बजे एक बड़ा हादसा हुआ जिसमें केबल ब्रिज टूटने से करीब 400 लोग मच्छु नदी में गिर गए। इस हादसे में 60 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। 70 लोग गंभीर घायल बताए जा रहे हैं। उधर सरकार ने इस हादसे के बाद में मुआवजे का ऐलान कर दिया है, लेकिन लापरवाही कहां हुई इस मामले की भी जांच के आदेश दिए गए हैं।
इस घटना के बाद पीएम मोदी ने बचाव अभियान के लिए टीमों को तत्काल रवाना करने के लिए कहा है और वहीं सीएम पटेल ने घायलों के तत्काल इलाज की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। पीएम नरेंद्र मोदी ने सीएम भूपेंद्र पटेल से बातचीत कर घटना पर जानकारी ली।
यह पुल पिछले 6 महीने से बंद था। इसी महीने दिवाली के एक दिन बाद यानी 25 अक्टूबर को आम लोगों के लिए खोला गया था। 140 साल से भी ज्यादा पुराना है ब्रिज मोरबी का यह सस्पेंशन ब्रिज 140 साल से भी ज्यादा पुराना है और इसकी लंबाई करीब 765 फीट है। यह सस्पेंशन ब्रिज गुजरात के मोरबी ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए ऐतिहासिक धरोहर है।
इस ब्रिज का उद्घाटन 20 फरवरी 1879 को मुंबई के गवर्नर रिचर्ड टेम्पल ने किया था। यह उस समय लगभग 3.5 लाख की लागत से 1880 में बनकर तैयार हुआ था।उस समय इस पुल को बनाने का पूरा सामान इंग्लैंड से ही मंगाया गया था। सैकड़ों स्थानी लोग भी बचाव कार्य में जुटे हादसे में कई लोगों की मौत की आशंका है।
फिलहाल राहत-बचाव कार्य चल रहा है। रेस्क्यू टीम के साथ सैकड़ों की संख्या में स्थानीय लोग भी बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। नदी में उतरकर लोगों को बाहर निकाला जा रहा है।