जयपुर. राजस्थान सरकार ने तत्कालीन सहायक पुलिस आयुक्त महिला अपराध अनुसंधान सेल, जयपुर पूर्व एवं पदच्युत RPS अधिकारी कैलाश चन्द बोहरा के विरूद्ध सक्षम न्यायालय में अभियोग चलाने के लिए अभियोजन स्वीकृति के प्रस्ताव का अनुमोदन कर दिया है. काम के बदले रिश्वत में अस्मत मांगने पर बोहरा को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने महिला उत्पीड़न के प्रकरण में गिरफ्तार किया था. जिसे बाद में राज्य सरकार ने पद से बर्खास्त कर दिया था.
एक अन्य प्रकरण में सरकार ने भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारी मनीष अग्रवाल के निलंबन की अवधि आगामी 180 दिवस तक और बढ़ाने के प्रस्ताव का भी अनुमोदन कर दिया है. मनीष अग्रवाल एसीबी द्वारा भ्रष्टाचार तथा अवैध वसूली के प्रकरण में फरवरी 2021 में गिरफ्तार किए जाने के बाद से लगातार पुलिस अथवा न्यायिक अभिरक्षा में रहे हैं. निलंबन अवधि समिति ने पूर्व में अग्रवाल का निलंबन 120 दिन तक बढ़ाया था, यह अवधि 31 जुलाई को पूर्ण होगी. अब समिति ने निलंबन अवधि आगामी 180 दिवस तक बढ़ाने की अभिशंषा की है, उपरोक्त दोनों ही प्रकरणों का मुख्यमंत्री ने अनुमोदन किया है.
बता दें कि एसीबी द्वारा यह दोनों ही कार्रवाई डीजी बीएल सोनी के निर्देशन में की गई थी, जिसके चर्चे पूरे देशभर में हुए थे और इन दोनों ही कार्रवाइयों के बाद में राजस्थान पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठे थे.