उदयपुर हत्या मामले में NIA जनता की भावनाओं को समझे, त्वरित कार्रवाई कर जितनी जल्दी हो उतनी जल्दी सजा दिलवाए: अशोक गहलोत, CM


उदयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एनआईए को उदयपुर में घटित घटना के मामले में जल्द से जल्द जांच पूरी कर चालान पेश करने और आरोपियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि उदयपुर की जो घटना हुई है, उसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है, जिस तरीके से हत्या की गई, वो एक जघन्य अपराध है। हमने तत्काल और त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों को पकड़ लिया, एसओजी-एटीएस को केस दे दिया और पूरी रातभर में ही पता लगा लिया कि अंतर्राष्ट्रीय संगठनों से संबंधित है ये घटना, इसके मायने होते हैं कि आतंकवाद से संबंधित घटना है। ये कोई 2 धर्मों के बीच में झगड़े होने वाली बात नहीं है। इसलिए जब ये यूएपीए के अंतर्गत जो आतंकवादी गतिविधि होती है, उसकी धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है एसओजी द्वारा, तो स्टेट गवर्नमेंट की तरफ से बहुत तत्काल कार्रवाई हुई है।

उन्होंने कहा कि मैंने सभी राजनीतिक पार्टियों के नेताओं से जब मीटिंग ली, तो सबने एक स्वर में इस बात की तारीफ की। 2 बातें, एक तो अभियुक्त पकड़े गए, भाग सकते तो मुश्किल हो जाती, पता नहीं वो कहां जाते और दूसरा जो धाराएं लगाई गई हैं अंतर्राष्ट्रीय संगठनों से इनके संबंध होना, पाकिस्तान इनका जाना, ये तमाम जानकारियां प्राप्त कर ली गईं और यूएपीए के अंतर्गत जो केस दर्ज किए गए हैं आतंकवाद के नाम पर, उसके बाद में एनआईए (नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी) ने केस ले लिया है, अब एसओजी उनको पूरा सहयोग करेगी क्योंकि उनका दायरा बड़ा दायरा होता है, वो राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय जब कोई ऐसी घटना होती है आतंकवाद की, उसी रूप में वो पहले बैकग्राउंड देखकर तमाम तरीके से इसको प्रयास करती है कि कैसे हम तह तक पहुंचें।

गहलोत ने कहा कि  "मुझे उम्मीद है कि एनआईए भी त्वरित कार्रवाई करके जितनी जल्दी हो उतनी जल्दी सजा दिलवाए इनको, चालान पेश करके, ये अपेक्षा पूरे प्रदेशवासी भी और मैं समझता हूं कि पूरे देशवासी चाहते हैं। इस घटना को लेकर जो आक्रोश दिलों मे पैदा हुआ है, हर नागरिक चाहता है, चाहे वो किसी धर्म का हो, जाति का हो, त्वरित न्याय मिले, त्वरित कार्रवाई हो और जल्दी से जल्दी सजा मिले इनको। मैं उम्मीद करता हूं कि एनआईए इस भावना को समझेंगे, उसी रूप में वो तफ्तीश जल्दी करके अंजाम तक पहुंचाएंगे, जो आम लोग अपेक्षा करते हैं। ऐसे मौके पर मैं कहना चाहूंगा कि ये कोई आपस में झगड़ा नहीं है धर्म के नाम पर, लेकिन जो विभिन्न जिलों में जो आयोजन हो रहे हैं बंद के, मैं समझता हूं कि उससे और तनाव पैदा होता है, उसकी जरूरत नहीं है। जब एक लिंक मिल गया आतंकवाद का, उसके बाद में सभी धर्मों ने इसकी आलोचना की है, उसी रूप में इसको लेना चाहिए। मैं मार्मिक अपील करूंगा प्रदेशवासियों से भी कृपया वो जिलों में, ब्लॉक में कोई धरने-प्रदर्शन की आवश्यकता नहीं है, शांति बनाए रखें, सरकार पूरी तरह मुस्तैद है, गंभीर है, संवेदनशील है, उसी रूप में हम लोग कार्रवाई कर रहे हैं और आगे भी पूरा सुनिश्चित करेंगे कि कैसे इनको सजा मिले, ये मेरा मानना है।"