भरतपुर। अवैध खनन के खिलाफ चल रहे धरना प्रदर्शन के दौरान एक बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला। डीग थाने के गांव पसोपा में चल रहे साधु-संतों के आंदोलन के तहत बुधवार दोपहर अचानक विजय बाबा ने ज्वलनशील पदार्थ शरीर पर डालकर आत्मदाह की कोशिश की। गंभीर अवस्था में बाबा को भरतपुर रैफर किया गया है। इसके अलावा गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। उधर 24 घंटे गुजरने के बाद बाबा नारायणदास मोबाइल टॉवर से नहीं उतरे हैं। साथ ही अब साधु-संतों के साथ वार्ता की कोशिश भी नजर नहीं आ रही है। क्योंकि विजय बाबा के आत्मदाह की कोशिश के बाद काफी गुस्सा भी प्रशासन व सरकार के खिलाफ गुस्सा नजर आ रहा है। बुधवार दोपहर को भरतपुर के संभागीय आयुक्त कार्यालय में साधु-संतों के साथ वार्ता की बात कही जा रही थी, इससे पहले बाबा नारायणदास को मोबाइल टॉवर से नीचे उतारने का प्रयास किया जा रहा था, लेकिन सुबह करीब साढ़े 11 बजे अचानक गांव पसोपा स्थित मंदिर के महंत विजय बाबा ने केरोसिन या अन्य कोई ज्वलनशीन पदार्थ डालकर खुद को आग लगा ली। आग लगी देखकर वहां मौजूद साधु-संतों ने आग को बुझाया। इसके बाद एंबुलेंस बुलाकर आग से झुलसे बाबा विजय को अस्पताल के लिए रवाना किया। अब विजय बाबा को आरबीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके अलावा जिला कलक्टर आलोक रंजन, एसपी श्यामसिंह, संभागीय आयुक्त सांवरमल वर्मा, आईजी गौरव श्रीवास्तव मौके के लिए रवाना हो गए।