एयर इंडिया का रणनीतिक विनिवेश लेनदेन आज पूरा हो गया है, जिसके तहत सरकार को रणनीतिक भागीदार (मेसर्स टैलेस प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स टाटा संस प्राइवेट लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी) से 2,700 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं, जिसके पास एयर इंडिया और एआईएक्सएल का 15,300 रुपये का ऋण भी है और एयर इंडिया के शेयरों (एयर इंडिया और इसकी सहायक एआईएक्सएल के 100 प्रतिशत शेयर तथा एआईएसएटीएस के 50 प्रतिशत शेयर) को रणनीतिक भागीदार को हस्तांतरण किया जाना शामिल हैं।
इसके साथ ही लंबे इंतजार के बाद अब एयर इंडिया एक बार फिर से टाटा समूह की हो गई है। अब तक सरकार के स्वामित्व में चल रही एयरलाइन कंपनी एयर इंडिया का अधिग्रहण पूरा हो गया है और अब ये आधिकारिक तौर पर टाटा की हो गई है। आज आधिकारिक तौर पर सरकार ने एयर इंडिया को टाटा समूह को सौंप दिया। जिसके बाद आज से एयर इंडिया की कमान अब टाटा समूह के हाथों में आ गई है।
उल्लेखनीय है कि एयर इंडिया के रणनीतिक विनिवेश के लिए मैसर्स टैलेस प्राइवेट लिमिटेड की उच्चतम मूल्य बोली को सरकार की मंजूरी के बाद; 11 अक्टूबर, 2021 को विजेता बोली लगाने वाली कंपनी को आशय पत्र जारी किया गया था। शेयर खरीद समझौता (एसपीए) पर 25 अक्टूबर, 2021 को हस्ताक्षर किए गए थे। इसके बाद, रणनीतिक साझेदार (मेसर्स टैलेस प्राइवेट लिमिटेड), एयर इंडिया और सरकार ने एसपीए में परिभाषित शर्तों की एक श्रेणी को संतुष्ट करने की दिशा में काम किया, जिनमें शामिल हैं प्रतिस्पर्धा (एंटी-ट्रस्ट) निकायों, नियामकों, ऋणदाताओं, तृतीय पक्ष, आदि से मंजूरी प्राप्त करना। इन शर्तों को आपसी संतुष्टि के आधार पर पूरा किया गया है।