कश्मीर में लगातार टारगेट किलिंग (Kashmiri Pandit Target Killing) की घटनाओं के बीच लोग खौफजदा हैं। घटनाओं से वहां रह रहे हिंदुओं की सुरक्षा को बड़ा खतरा नजर आ रहा है। सरकार और सुरक्षा बल इन घटनाओं को रोकने में नाकाम नजर आ रहे हैं। इस बीच एक बार फिर से टारगेट किलिंग का शिकार बन रहे हिंदुओं ने सामूहिक पलायन का फैसला किया है। इनमें बड़ी संख्या में कश्मीरी पंडित भी शामिल हैं।
बता दें कि गुरुवार को आतंकियों ने एक हिंदू बैंक मैनेजर को गोलियों से भून दिया। गुरुवार को बैंक मैनेजर विजय कुमार की हत्या के बाद कश्मीरी पंडितों ने आपात बैठक बुलाई थी और इसमें घाटी से जिन-जिन इलाकों में कश्मीरी पंडित प्रदर्शन कर रहे थे, उसे तत्काल बंद करने का फैसला किया गया।
बैठक में कहा गया कि अब कश्मीर में रह रहे अल्पसंख्यकों के सामने कोई और विकल्प नहीं बचा है। वो खुद को बेबस महसूस कर रहे हैं। इसके अलावा उनके पास कोई और चारा नहीं। इसलिए उन्हें पलायन करना होगा। बैठक में सभी लोगों से बनिहाल की नवयुग सुरंग के पास इकट्ठा होने के लिए कहा गया है।
सभी की मांग है कि उन्हें यहां से सुरक्षित निकाला जाए। स्थानीय हिंदुओं की पीड़ा है कि आज विजय कुमार की और परसों रजनी बाला की निर्मम हत्या कर दी गई। जिस दिन राहुल भट्ट की हत्या हुई थी, हमने उस दिन ही कहा था कि हमें यहां से सुरक्षित निकाला जाए।
जिस तरह 1990 में हमारा पलायन हुआ था। अब सभी उस तरह ही पलायन कर रहे हैं। करीब 3000 कर्मचारी नौकरी की परवाह छोड़ पहले ही जम्मू पहुंच चुके हैं। मट्टन इलाके से 20 गाड़ियां निकल चुकी हैं। और अब जो बचे हुए लोग हैं वो 3 जून को यहां से पलायन करेंगे।