बीकानेर. राजस्थान में रिश्वतखोरी के खिलाफ ACB डीजी बी एल सोनी के निर्देशन में ताबड़तोड़ कार्रवाई का दौर जारी है. बीकानेर में बिजली बोर्ड में कार्यरत फील्ड इंजीनियर नारायण व्यास को ट्रैप किया गया है. साथ ही दलाल कन्हैयालाल को भी एसीबी ने दबोचा है. VCR के अमाउंट में फायदा पहुंचाने के लिए 1 लाख की रिश्वत लेते हुए ट्रैप किया गया. बीकानेर निवासी परिवादी अशोक गहलोत पुत्र द्वारका प्रसाद गहलोत से यह रिश्वत ली गई थी.
आपको बता दें कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निर्देश पर राजस्थान एसीबी के डीजी बीएल सोनी के निर्देशन में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम किया जा रहा है. और इसी कड़ी में एसीबी ADG दिनेश एमएन के निर्देशन में एसीबी के एडिशनल एसपी रजनीश पूनिया ने इस पूरी कार्रवाई को अंजाम तक पहुंचाया.
एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रजनीश पूनिया ने बताया कि परिवादी अशोक गहलोत ने बीकानेर एसीबी कार्यालय में परिवाद दर्ज करवाया था. जिसमें परिवादी ने बताया था कि रानी बाजार औधोगिक क्षेत्र में नागार्जुन रसायन शाला है. जिस पर उसके बिजली बिल 28 लाख रुपये आया था. बिल की VSR कम करने की एवज में BKESL कम्पनी के फील्ड इंजीनियर नारायण व्यास तथा कोटगेट स्थित आईसीसी बैंक के CPA मैनेजर कन्हैया लाल व्यास 1 लाख 20 हजार रुपये की डिमांड कर रहे हैं. रजनीश पूनिया ने बताया कि इंजीनियर नारायण व्यास ने 1 लाख रुपये में सौदा तय किया था. बाद में उन्हें ट्रैप कर लिया गया.