राजस्थान ACB ने मई माह में भ्रष्टाचार के खिलाफ लिया ताबड़तोड़ एक्शन, VC, CA सहित कई भ्रष्टाचारियों को जेल भेजा


जयपुर। राजस्थान एसीबी ने डीजी भगवान लाल सोनी के नेतृत्व में प्रदेश के इतिहास का अब तक का सबसे बेहतर काम किया है। इसमें कोई दो राय नहीं कि राजस्थान के इतिहास में भ्रष्टाचारियों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है भगवान लाल सोनी के नेतृत्व में की गई। यही कारण है कि आए दिन भ्रष्टाचारियों के खिलाफ ताबड़तोड़ एक्शन लिया जा रहा है। मई, 2022 माह की बात करें तो इस महीने में भी राजस्थान एसीबी ने कई महत्वपूर्ण और बड़े ट्रेप किए। मई में 57 प्रकरण पीसीएक्ट के तहत पंजीबद्ध किये गये हैं। इस वर्ष के अब तक 5 माह में कुल 213 प्रकरण दर्ज किये गये हैं जो अब तक का इस अवधि का सर्वाधिक है।

2022 में दर्ज 213 प्रकरणों में 203 ट्रेप के, 8 आय से अधिक सम्पत्ति के तथा 2 पद के दुरूपयोग के प्रकरण शामिल हैं। वर्ष 2021 में इसी अवधि में 154 ट्रेप के, 4 आय से अधिक सम्पत्ति के व 7 पद के दुरूपयोग के कुल 165 प्रकरण हुए थे तथा वर्ष 2020 में मई तक 54 ट्रेप के, 2 आय से अधिक सम्पत्ति के व 14 पद के दुरूपयोग के कुल 74 प्रकरण दर्ज हुए थे।

अनुसंधान से निस्तारण में भी रिकाॅर्ड तोड़ा गया है। वर्ष 2020 में प्रथम पांच महिनों में 96 प्रकरणों का, वर्ष 2021 में 132 प्रकरणों का निस्तारण न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था। जबकि इस वर्ष 213 प्रकरणों में अनुसंधान का नतीजा न्यायालयों में पेश किया गया। इनमें 186 चालान व 27 एफ.आर. शामिल हैं।

ए.सी.बी. मुख्यालय में अब तक 234 प्रकरणों में अनुसंधान के बाद विवेचना उपरान्त निस्तारण निर्णय लिया गया व अब इन प्रकरणों में अभियोजन स्वीकृति प्राप्त करने हेतु प्रभावी प्रयास किये जा रहे हैं।

DG भगवान लाल सोनी ने कहा कि भ्रष्टाचारी चाहे कहीं भी हो, ACB के स्तर पर उसे पकड़ने में किसी स्तर पर लापरवाही या कोताही नहीं बरती जाएगी। इसके अलावा यदि कोई व्यक्ति चाहे तो 1064 पर भ्रष्टाचार के खिलाफ शिकायत दर्ज करा सकता है। चाहे प्रकरण छोटा हो या बड़ा हो उसमें शामिल हर व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हमने मई माह में कई बड़ी कार्रवाइयां की हैं सभी पर गहन जांच जारी है।

 

मई माह के महत्वपूर्ण प्रकरण

- राजस्थान मेडिकेयर रिलीफ सोसायटी में भ्रष्टाचार में 4 जनों की गिरफ्तारी व करीब 1 करोड़ नकद राशि की बरामदगी।

- राजस्थान नर्सिंग काउन्सिल के पदाधिकारी का दलाल के साथ पकड़ा जाना।

- राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय, कोटा के वायस चान्सलर की 26 लाख रूपयों के साथ गिरफ्तार होना।

- जयपुर में चार्टेड अकाउंटेन्ट को आयकर विभाग जययपुर में पदस्थापित अधिकारियों के लिए 2 लाख रूपये की रिश्वत लेते पकड़े जाना।