जयपुर। राज्यसभा चुनावों में राजस्थान सरकार के मंत्री और सरकारी मुख्य सचेतक महेश जोशी द्वारा विधायकों की खरीद-फरोख्त की आशंका के मद्देनजर एसीबी में शिकायत की गई थी। इसके बाद राजस्थान एसीबी के डीजी बीएल सोनी ने सोमवार को अधिकारियों की बैठक ली और उन्हें हर मोर्चे पर अलर्ट रहने के निर्देश दिए।
बता दें कि विधानसभा के सरकारी मुख्य सचेतक डॅा. महेश जोशी ने राज्यसभा चुनाव-2022 के मध्यनजर भ्रष्ट आचरण की रोकथाम के लिए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में दिनांक 05 जून 2022 को परिवाद पेश किया था। इस परिवाद को दर्ज कर जांच के लिए महानिदेशक भगवान लाल सोनी द्वारा पुलिस अधीक्षक-प्रथम, ACB, जयपुर योगेश दाधीच को सुपुर्द किया गया है। और खुद DG भगवान लाल सोनी भी लगतार इस पर नजर बनाए हुए हैं।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, मुख्यालय पर सोमवार को महानिदेशक भगवान लाल सोनी की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया जिसमें जयपुर स्थित सभी चौकी/यूनिट के प्रभारियों ने भाग लिया। बैठक में महानिदेशक सोनी ने कहा कि सबको सचेत रहने की आवश्यकता है। उन्होनें बैठक में उपस्थित सभी अधिकारियों को दर्ज परिवाद के संबंध में किसी भी प्रकार की आसूचना व तथ्य मिलने पर ब्यूरो मुख्यालय को सूचित कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश प्रदान करें।
उधर दूसरी तरफ दोनों ही बड़ी पार्टियों ने अपने अपने विधायकों की बाड़े बंदी कर दी है और विधायकों को मजबूती से पार्टी के पक्ष में वोट करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
बता दें कि राजस्थान विधानसभा में कुल 200 विधायक है। इनमें कांग्रेस के खुद के विधायक 108 है जबकि आरएलडी के 1 विधायक डॉ. सुभाष गर्ग सरकार में मंत्री हैं। इस तरह कांग्रेस के 109 विधायक हुए। इसी तरह भाजपा के 71 विधायक,आरएलपी के 3 विधायक,बीटीपी के 2 माकपा के 2 और 13 निर्दलीय विधायक हैं। राज्यसभा चुनाव में उतरे प्रत्याशियों को जीत के लिए प्रथम वरीयता के 41 वोट चाहिए। कांग्रेस ने 3 प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतारे हैं। इनमें रणदीप सिंह सुरजेवाला, मुकुल वासनिक और प्रमोद तिवाड़ी शामिल हैं। जबकि भाजपा ने घनश्याम तिवाड़ी के रूप में एक और डॉ. सुभाष चंद्रा के रूप में भाजपा निर्दलीय समर्थित उम्मीदवार मैदान में हैं।