अमेरिका। एक तरफ कोरोना की जंग में वैक्सीन सबसे बड़ा वरदान मानी जा रही है वहीं दूसरी ओर इसके ट्रायल में चिंताजनक खबर सामने आई है। फाइजर वैक्सीन के ट्रायल में शामिल 40 फीसदी गर्भवती महिलाओं का गर्भपात हो गया है।
फाइजर द्वारा जारी दस्तावेजों से पता चला है कि, वैक्सीन ट्रायल में शामिल होने वाली 50 गर्भवती महिलाओं में से 22 ने अपने बच्चों को खो दिया। लेखिका और पत्रकार डॉ. नाओमी वुल्फ ने स्टीव बैनन के वॉर रूम पॉडकास्ट पर इस बात का खुलासा किया, जो चोंकाने वाला था। वुल्फ अपनी वेबसाइट ‘डेली क्लाउट’ के माध्यम से फाइजर दस्तावेजों के अनुसंधान और विश्लेषण का अध्ययन कर रहा है। पॉडकास्ट के दौरान वुल्फ ने कहा कि गर्भपात जैसी प्रतिकूल घटना की कटऑफ रिपोर्ट 13 मार्च 2021 थी और खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने 1 अप्रैल 2021 को रिपोर्ट प्राप्त की।
वुल्फ ने आगे यह भी जानकारी दी कि फाइजर ट्रायल डेटा वैक्सीन रोलआउट के बाद से दुनिया भर में देखे गए गर्भपात में भारी वृद्धि से संबंधित है। सीडीसी ने पिछले महीने की तरह अभी भी गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए एक्सपेरिमेंटल mRNA टीकों की सिफारिश की है। टेक्सास के एक कोर्ट के जज मार्क पिटमैन ने जनवरी में एफडीए को लगभग 12,000 दस्तावेजों को तुरंत जारी करने का आदेश दिया था। तब तक एक महीने में 55,000 पेज जारी किए गए हैं। सभी दस्तावेजों के पेज की संख्या तीन लाख से अधिक है। कोर्ट के आदेश के बाद भी अभी तक सारे दस्तावेज जारी नहीं किए गए हैं।