सीकर। जाको राखे साइयां मार सके ना कोई। ऐसा ही एक उदाहरण सीकर में देखने को मिला। जहां 4 वर्षीय गुड्डू को 25 घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सिविल डिफेंस, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीम ने बोरवेल से सकुशल निकाल लिया। सीकर के दातारामगढ के पास बिजारणियों की ढाणी में गुरुवार शाम को 4 बजे खेलते समय गिरधारी बिजारणिया का 4 वर्षीय बेटा राजेन्द्र उर्फ गुड्डू ढाणी के बाहर बने बोरवेल में गुड्डू गिर गया था। सूचना मिलने के तुरंत बाद प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा और शाम साढे़ 4 बजे रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया था। लगातार 25 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद शुक्रवार शाम 5 बजकर 30 मिनट पर गुड्डू को सकुशल बाहर निकाल लिया गया है। बच्चे के बाहर आते ही उसकी मां लिपट-लिपटकर रोई। गुड्डू फिलहाल स्वस्थ्य है। फिर भी मेडिकल जांच के लिए उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जैसे ही बच्चे को बाहर निकाला गया, उसे तुरंत एंबुलेंस में बैठा दिया गया। गुड्डू की मां और बहर एंबुलेंस में बैठकर ही उसका इंतजार कर रही थीं। गुड्डू को अपने पास पाकर मां खुशी में उसे बार-बार दुलारती रही और माथा चूमती रही। यह देखकर हर किसी की आंखें नम हो गई। सभी ने बचाव कार्य में लगी टीम के काफी सराहना की। रेस्क्यू टीम ने बोरवेल के पास दूसरी सुरंग खोदकर गुड्डू को निकाला। बच्चे के गिरने के बाद परिवार चिंता में था। रातभर से बचाव टीम निकालने का प्रयास कर रही थी। आज दिनभर 11 साल की बहन सरिता कभी बोरवेल तो कभी बचाव टीम के पास जाती रही। अपने लाडले भाई को आवाज देती रही, ‘खाना खाले गुड्डू, बिस्किट खा ले..।