जयपुर। राजस्थान सरकार ने भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के 34 अधिकारियों के तबादले किए हैं, जबकि 5 अधिकारियों को अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। इस प्रशासनिक फेरबदल में कई वरिष्ठ अधिकारियों के पद और जिम्मेदारियों में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। सबसे बड़ा परिवर्तन जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में हुआ है, जहां पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसफ का तबादला कर दिया गया है। उनकी जगह अब आईपीएस सचिन मित्तल को जयपुर का नया पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया गया है।
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आईपीएस बीजू जॉर्ज जोसफ को अब एडीजी (कार्मिक) के पद पर नियुक्त किया गया है। वे पहले जयपुर पुलिस कमिश्नर के रूप में अपनी कड़े अनुशासन और निष्पक्ष कार्यशैली के लिए जाने जाते थे। अब वे पुलिस विभाग के मानव संसाधन प्रबंधन और कार्मिक से जुड़े मामलों को देखेंगे।
वहीं, आईपीएस दिनेश एम.एन. को एडीजी, एजीटीएफ (Anti Gang Task Force) और एएनटीएफ (Anti Narcotics Task Force) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। यह दोनों इकाइयाँ राज्य में संगठित अपराध और मादक पदार्थों की रोकथाम से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाती हैं।
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राजस्थान में भ्रष्टाचारियों के खिलाफ महाअभियान की जिम्मेदारी निर्विवाद, कर्तव्यनिष्ठ, रिजल्ट ओरिएंटेड महानिदेश पुलिस गोविंद गुप्ता को सौंपी गई है। कानून व्यवस्था संभालने, अपराध नियंत्रण के साथ पुलिस प्लानिंग, मॉडर्नाइजेशन और वेलफेयर से जुड़े मुद्दों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। उदयपुर, बीकानेर और कोटा जैसे बड़े संभाग में रेंज आईजी भी रह चुके हैं।
राज्य सरकार ने आनंद श्रीवास्तव को डीजी (स्पेशल ऑपरेशन) के पद पर नियुक्त किया है।
आईपीएस अनिल पालीवाल को डीजी (ट्रेनिंग एंड ट्रैफिक) बनाया गया है। उनके पास अब राज्यभर में ट्रैफिक प्रबंधन और पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों के सुधार की जिम्मेदारी होगी। इसी तरह, आईपीएस गोविंद गुप्ता को डीजी (एसीबी) यानी एंटी करप्शन ब्यूरो का प्रमुख नियुक्त किया गया है। वे राज्य में भ्रष्टाचार निरोधक कार्रवाइयों की कमान संभालेंगे।
आईपीएस अशोक राठौड़ को डीजी (जेल) नियुक्त किया गया है। उन्हें जेल सुधार, सुरक्षा व्यवस्था और बंदियों के पुनर्वास से जुड़े मामलों की देखरेख की जिम्मेदारी दी गई है।

एडीजी हवासिंह घुमरिया को राजस्थान अपराध शाखा की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। घुमरिया एक बॉल्ड, रिजल्ट ओरिएंटेड, कॉन्फिडेंट और कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधिकारी के रूप में पहचाने जाते हैं। कानून व्यवस्था को संभालने, अपराधों पर नियंत्रण, विपरित परिस्थितियों में भी धैयपूर्वक परिस्थितियों को प्रशासनिक लिहाज से कंट्रोल करने में विशेष अनुभव रखते हैं।
जयपुर के नए पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल की बात करें तो वो राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित हो चुके हैं। अनुभवी, कानून व्यवस्था के अच्छे जानकार, फिल्ड में मजबूत पकड़ के साथ साइबर अपराध नियंत्रण में विशेष योगदान के लिए जाने जाते हैं। सरकार ने राजधानी में अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था के लिए चुना एक मजबूत अधिकारी। इससे पहले बीजू जॉर्ज जोसेफ का बेहतरीन, निर्विवाद कार्यकाल भी प्रशंसनीय रहा। कई अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया।
इनके अलावा, वरिष्ठ अधिकारी प्रशाखा माथुर को एडीजी (आयोजना) बनाया गया है, जो पुलिस विभाग की नीति निर्माण, योजना और बजट से संबंधित मामलों की देखरेख करेंगी।
राज्य सरकार का यह तबादला आदेश राजस्थान पुलिस के ढांचे में व्यापक परिवर्तन का संकेत देता है। इन तबादलों से प्रशासनिक कार्यकुशलता में सुधार और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में नए कदम उठाए जाने की उम्मीद है।