चीन में शी जिनपिंग की तानाशाही, पास में बैठे देश के पूर्व राष्ट्रपति हू जिंताओ को जबरन मीटिंग से बाहर निकाला


बिजिंग। चीन में शी जिनपिंग की तानाशाही लगातार बढती जा रही है। वो अपने उन तमाम विरोधियों और चुनौती देने वाले नेताओं को निपटाने में लगे हैं जो उनकी या तो बात नहीं मानता या उनकी हां में हां नहीं मिलाता। यही कारण रहा कि उन्होंने अपने बाजू में बैठे बुजुर्ग नेता और देश के पूर्व राष्ट्रपति हू जिंताओ को जबरन मार्शल बुलाकर मीटिंग से बाहर निकाल दिया। इतना ही नहीं जिनपिंग ने शंघाई पार्टी के प्रमुख हान झेंग, पार्टी एडवाइजरी हेड वांग यांग और नेशनल पीपुल्स कांग्रेस के प्रमुख ली झांशु को भी पार्टी लीडरशिप से हटा दिया है। ली झांशु को जिनपिंग का बेहद करीबी माना जाता है। इनकी जगह जो नाम चर्चा में हैं उनमें डिंग शुशियांग, चेन मिनेरो, ली कियान्ग और हू चुनहुआ का नाम प्रमुख है। यह चारों ही नेता कम्युनिस्ट पार्टी के प्रमुख लीडर्स माने जाते हैं। शनिवार को 7 दिनों से बीजिंग में चल रही चाइनीज कम्युनिस्ट पार्टी की हाई लेवल मीटिंग खत्म होने के दौरान पार्टी कॉन्स्टिट्यूशन में संशोधन को मंजूरी दे दी गई। ये संशोधन चीन के नेता के रूप में शी जिनपिंग की लीडरशिप को और मजबूत करने के लिए किया गया है।

उधर भारत का विदेश मंत्रालय लगातार शी जिनपिंग की इन हरकतों पर नजर बनाए हुए हैं और इस बैठक के बाद भारत के रिश्तो पर इस रवैये का कितना असर होगा इसकी समीक्षा की जा रही है।