अरबन ऑर्गेनिक फार्मिंग में अपना स्टार्टअप शुरू करें स्टूडेंट्स : खाचरियावास


जयपुर। इंटरनेशनल सोसायटी फॉर लाइफ साइंसेज तथा सेंटर फॉर न्यूट्रिशन साइंसेज, राजस्थान विश्वविद्यालय एवं कानोड़िया पीजी महिला महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में अरबन ऑर्गेनिक फार्मिंग में उद्यमियता की सम्भावनाओं व चुनौतियों पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला व प्रदर्शनी का शुक्रवार को शुभारम्भ हुआ। उद्घाटन खाद्य आपूर्ति मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास द्वारा किया गया। उन्होंने अपने उद्बोधन में विद्याथियों को आत्मनिर्भर होने के लिये प्रेरित किया तथा अधिक से अधिक वर्कशॉप में हिस्सा लेकर अपना स्टार्टअप शुरू करने के लिये जागरूक किया।

महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने सभी गणमान्य अतिथियों का स्वागत किया तथा विद्याथियों को इस प्रकार की गतिविधियों में अधिकाधिक भाग लेने हेतु प्रेरित किया, जिससे वह एंटरप्रेन्योर बनकर अपना सफल भविष्य का निर्माण कर सकें। कार्यक्रम में विशेष अतिथि कट्स इन्टरनेशनल के निदेशक जॉर्ज चेरियन व विशिष्ट अतिथि इंटरनेशनल सोसायटी फॉर लाइफ साइंसेज के अध्यक्ष प्रोफेसर अशोक कुमार थे। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता राजस्थान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजीव जैन ने की तथा उन्होंने कार्यशाला के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यशाला की आयोजन सचिव डॉ. ऋतु जैन ने कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। इस कार्यशाला के मुख्य वक्ता मोरारका फाउंडेशन के पूर्व कार्यकारी अधिकारी, तथा वर्तमान में ‘हैलो किसान’ के मेंटर व मुख्य संपादक मुकेश गुप्ता रहे। उन्होंने अरबन ऑर्गेनिक फार्मिंग की सम्भावनाओं, उपयोगिता एवं आवश्यकता पर विस्तृत व्याख्यान दिया।

कार्यशाला में दो तकनीकी सत्र हुए जिसके अंतर्गत पहले वक्ता आनन्द मनी त्रिपाठी ने ‘नीड ऑफ ऑर्गेनिक फार्मिंग’ व दूसरे वक्ता अभिषेक जैन ने अरबन ऑर्गेनिक फार्मिंग में तकनीकी के उपयोग पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। इसके अतिरिक्त प्रतिभागियों को विषय विशेषज्ञों के द्वारा विभिन्न विषयों जैसे ‘माइक्रोग्रीन’, ‘वेस्ट मेनेजमेंट व कम्पोस्टिंग’, ‘ट्रे गार्डनिंग एंड ओरनामेंटल प्लांटस’ पर हैंडस ऑन ट्रेनिंग भी करवाई गई। सह आयोजन सचिव डॉ. ऋचा चतुर्वेदी ने सभी अतिथियों को धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यशाला में करीब 150 प्रतिभागी लाभान्वित हुए।