साउथ एशियन जियोसाइंस कॉन्फ्रेंस जियो इण्डिया 2022 का आयोजन जयपुर में


जयपुर। प्राकृतिक गैस और तेल के बेहतर उत्पादन पर हुए नवीनतम शोधों को साझा करने के लिए तीन दिवसीय पांचवी साउथ एशियन जियोसाइंस कॉन्फ्रेंस जियो इण्डिया 2022 का आयोजन जेईसीसी सीतापुरा, जयपुर में कल 14 अक्टूबर शुक्रवार से आंरभ होगा।

केन्द्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस व शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी इस तीन दिवसीय कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन करेंगे। एसोसिएशन ऑफ पेट्रोलियम जियोलॉजिस्ट की ओर से आयोजित इस कॉन्फ्रेंस में भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका, नॉर्वे और यूरोपीय संघ सहित अन्य देशों के सौ से अधिक विशेषज्ञ मुद्दों पर चर्चा करने और अपने अनुभव साझा करने के लिए भाग लेंगे।

इस आयोजन के बारे में जानकारी देते हुए एपीजी के संरक्षक व ऑयल एण्ड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन लिमिटेड के सीएमडी राजेश कुमार श्रीवास्तव, ने बताया कि पिछले 15 वर्षों में एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के रूप में जियोइण्डिया कॉन्फ्रेंस का दर्जा बढ़ा है। उन्होंने बताया कि तीन दिवसीय इस कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन 14 अक्टूबर की सुबह मुख्य अतिथि केन्द्रीय पीएनजी और आवास और शहरी मामलों के माननीय मंत्री श्री हरदीप एस पुरी करेंगे। सचिव एमओपीएनजी पंकज जैन, महानिदेशक, डीजीएच एस सी एल दास, और सीएमडी, ऑयल इण्डिया लिमिटेड डॉ रंजीत रथ भी इस अवसर पर सम्मानित अतिथि के रूप में उपस्थित होंगे। इसके अलावा, इस आयोजन में प्रमुख नीति निर्माताओं, अंतरराष्ट्रीय तेल कम्पनियों और राष्ट्रीय तेल कम्पनियों के शीर्ष प्रबंधन कर्मियों, सेवा प्रदाताओं और प्रमुख शिक्षाविदों का प्रतिनिधित्व करने वाले कई दिग्गज होंगे, जो ध्यानपूर्वक चार्टर्ड प्लेनरी सत्र और तीन पैनल गहन मंथन करेंगे। इस कॉन्फ्रेंस में भारत के अलावा अमेरिका, नॉर्वे, ब्रिटेन समेत अन्य देशों के सौ से अधिक भूविज्ञान और भू भौतिकी विशेषज्ञ शामिल होंगे। सम्मेलन तेजी से बदलती दुनिया में ऊर्जा संक्रमण के संदर्भ में तेल और गैस की भूमिका पर विचार मंथन करेगा। एपीजी के अध्यक्ष एस एन चिटनिस, ओएनजीसी में कार्यकारी निदेशक ने बताया कि सम्मेलन में 200 से अधिक तकनीकी पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे, जिसमें 1500 से अधिक भू वैज्ञानिक और 600 प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। तकनीकी पत्रों की प्रस्तुति के अलावा, इस सम्मेलन में वैश्विक विशेषज्ञों द्वारा भविष्य में भारत की ऊर्जा आवश्यकता को पूरा करने के लिए एचसी के उत्पादन के साथ साथ शून्य कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पूर्ण चर्चा की जाएगी। उन्होंने बताया कि भारत के उद्योग विशेषज्ञों के साथ जस्टिन मर्फी, ज़हीर इब्राहिम, यूएसए के चार्ल्स बोएट, नॉर्वे के देसिकन सुंदरराजन आदि जैसे विशेषज्ञ सम्मेलन में अपने अत्याधुनिक अनुसंधान और प्रौद्योगिकी को साझा करेंगे। इस कॉन्फ्रेंस का एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू छात्रों का कार्यक्रम भी है, जहां भू विज्ञान के छात्रों को पेट्रोलियम उद्योग की पेशेवर बारीकियों से अवगत कराया जाएगा, ताकि वे ऊर्जा के जरूतरमंद विकासशील राष्ट्र के भविष्य के ऊर्जा सैनिकों के रूप में तैयार हो सकें।