नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने छोटे व्यापारियों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा फैसला लिया है. लॉक डाउन के बीच ना केवल जरूरी सामानों की दुकानों को खोलने का आदेश जारी कर दिया है, बल्कि गैर जरूरी सामानों की दुकानें भी खोलने की छूट दी है. लेकिन यह सब कुछ शर्तों के साथ हो सकेगा. बड़ी बात यह है कि कोरोना के हॉट स्पॉट बने एरिया में और कोरोना संक्रमित क्षेत्रों में इन दुकानों को खोलने की इजाजत नहीं होगी.
केंद्र सरकार ने देशव्यापी लॉकडाउन लागू कर रखा है जो 3 मई तक चलने वाला है. इस बीच गृह मंत्रालय ने यह अहम आदेश जारी किया है. इस आदेश के मुताबिक आवासीय कॉलोनियों के समीप बनी दुकानों और स्टैंड-अलोन दुकानों को खोलने की छूट दी गई जो कि नगरपालिका और नगर निगमों की सीमा के भीतर आती हों. दुकानों में सिर्फ 50 फीसदी यानी आधा ही स्टाफ काम करेगा, और सोशल डिस्टेंसिंग के साथ स्टाफ को मास्क लगाना अनिवार्य होगा. दुकानें संबंधित राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों के स्थापना अधिनियम के तहत पंजीकृत होनी चाहिए. दुकानें खोलने का ये नया आदेश उन स्थानों पर लागू नहीं होगा जो कि कोरोना हॉटस्पॉट हैं या जिन्हें कंटेनमेंट घोषित किया गया है.
हालांकि अभी शॉपिग कॉम्प्लेक्स और मॉल इत्यादि को खोले जाने की इजाजत नहीं दी गई है. उम्मीद की जा रही है कि देश में कल से व्यावसायिक गतिविधियां कुछ रफ्तार पकड़ सकेंगी.
हालांकि गृह मंत्रालय ने 25 अप्रैल से गैर जरुरी सामानों की दुकानें खोलने की छूट दे दी है लेकिन शराब की दुकानों को इस कैटेगरी में नहीं रखा गया है. उन्हें शॉप और स्थापना अधिनियम के बजाय अन्य कैटेगरी में रखा गया है. ऐसे में शराब की दुकान खोली तो कार्रवाई के लिए तैयार रहें.