मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण–2026, 96 प्रतिशत मैपिंग के साथ राजस्थान देशभर में अग्रणी, सिर्फ 4% मतदाताओं को ही देने होंगे दस्तावेज, मैपिंग जारी, 99% मतदाताओं की मैपिंग के साथ सलूंबर जिला बना अग्रणी, प्रदेश में 99.94% गणना प्रपत्र डिजिटाइज
जयपुर। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार प्रदेश में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR–2026) का कार्य राजस्थान में तीव्र गति, उच्च सटीकता एवं पूर्ण पारदर्शिता के साथ प्रगति पर है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने बताया कि प्रदेश के कुल 5 करोड़ 46 लाख 56 हजार 215 गणना प्रपत्रों में से 5 करोड़ 46 लाख 62 हजार से अधिक प्रपत्र ECI-Net पर सफलतापूर्वक अपलोड किए जा चुके हैं। निर्धारित समय से पूर्व 99.94 प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त कर राजस्थान ने डिजिटल दक्षता एवं उत्कृष्ट समन्वय का नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
24 जिले और 153 विधानसभा क्षेत्रों में 100% डिजिटाइजेशन
महाजन ने बताया कि प्रदेश के 24 जिले— बाड़मेर, सलूंबर, बालोतरा, झालावाड़, फलौदी, भरतपुर, चूरू, दौसा, बारां, राजसमंद, डीग, झुंझुनूं, पाली, सीकर, चित्तौड़गढ़, नागौर ब्यावर, करौली, डीडवाना- कुचामन, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, कोटपूतली- बहरोड एवं सवाईमाधोपुर— में सभी गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन शत–प्रतिशत पूर्ण कर लिया गया है। इसी प्रकार 153 विधानसभा क्षेत्रों में भी 100% डिजिटाइजेशन का कार्य पूरा हो गया है।
मतदाता मैपिंग में भी राजस्थान शीर्ष पर
महजान ने बताया कि 96 प्रतिशत मैपिंग के साथ राजस्थान मतदाता मैपिंग में भी देशभर में अग्रणी है। आज की मैपिंग के अनुसार प्रदेश में महज 4 प्रतिशत मतदाता ऐसे हैं जिन्हें एसआईआर के अंतर्तगत दस्तावेज देने है। प्रदेश ने मतदाता मैपिंग में भी उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है—
• 96% से अधिक मतदाता मैपिंग कार्य पूरा
• 18 विधानसभा क्षेत्रों— कपासन, बायतु, सलूंबर, लोहावट, नगर, सिकराय, ओसियां, शाहपुरा, बामनवास, चित्तौड़गढ़, नागौर, बड़ी सादड़ी, शाहपुरा, खंडार, गुढ़ामलानी, जायल, सपोटरा, शिव एवं डेगाना — में 99% से अधिक मैपिंग संपन्न
• कपासन विधानसभा क्षेत्र प्रदेश में शीर्ष पर, जहाँ 99.46% मतदाताओं की मैपिंग पूरी हो चुकी है। यहां 2.73 लाख मतदाताओं में से मात्र लगभग 1500 मतदाताओं को ही दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।
महाजन ने बताया कि मतदाता मैपिंग से पुनरीक्षण प्रक्रिया अधिक सरल हो जाती है तथा मतदाताओं को अनावश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने से राहत मिलती है। इससे पारदर्शिता, सटीकता एवं बूथवार मतदाता प्रबंधन में अत्यधिक मजबूती आती है। वहीं सलूंबर विधानसभा क्षेत्र में भी 99 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं की मैपिंग हो चुकी है।
बीएलओ की मेहनत—सफलता की रीढ़
प्रदेश के 51,256 से अधिक मतदान केंद्रों पर कार्यरत बीएलओ ने 100% फील्ड कार्य पूरा करते हुए घर–घर पहुंच सुनिश्चित की। उनके सतत प्रयासों ने ही इस महत्वपूर्ण उपलब्धि को संभव बनाया है।
लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सशक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री महाजन ने कहा कि यह उपलब्धि केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं, बल्कि उस सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रमाण है जिसके माध्यम से मतदाता सूची को और अधिक विश्वसनीय, पारदर्शी, व्यवस्थित एवं मतदाता–केंद्रित बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सशक्त करने की दिशा में राजस्थान का महत्वपूर्ण कदम है।