भ्रष्टाचारियों के खिलाफ खौफ का पर्याय बना राजस्थान एंटी करप्शन ब्यूरो, विपक्ष ने भी की जमकर तारीफ


जयपुर.  राजस्थान में एसीबी डीजी सीनियर आईपीएस बीएल सोनी ने मानो भ्रष्टाचारियों की लंका लगाई हुई है. बीएल सोनी के निर्देशन में आए दिन भ्रष्टाचारियों के खिलाफ हो रही कार्रवाई से जहां कई विभागों में मासिक बंदियां बंद होने की सूचनाएं हैं वही अधिकारी और कर्मचारी भी रिश्वतखोरी से दूर भागने लगे हैं.

आलम यह है कि हाल ही में बारां के कलेक्टर रहे आईएएस इंदर सिंह राव और दौसा के पूर्व एसपी रहे आईपीएस मनीष अग्रवाल के खिलाफ की गई कार्रवाई से भ्रष्टाचारियों में और खौफ पैदा हो गया है. भ्रष्टाचारियों को लगता है कि जब ACB इस स्तर के आला अधिकारियों के खिलाफ भी ऐसी ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही है तो उनका बचना आसान नहीं. और यही कारण है कि राजस्थान विधानसभा में आज विपक्ष भी राजस्थान एंटी करप्शन ब्यूरो की कार्रवायों का मुरीद नजर आया और राजस्थान एसीबी द्वारा डीजी बीएल सोनी के निर्देशन में की जा रही ताबड़तोड़ कार्रवाई की प्रशंसा भी की.

नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने एसीबी द्वारा की जा रही कार्रवाई की मुक्त कंठ से प्रशंसा की और विपक्ष में होने के बावजूद प्रशंसा करके अपने बड़प्पन का परिचय भी दिया. साथ ही कुछ सुझाव भी दिए.

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने एसीबी की तारीफ करते हुए कहा कि एसीबी का काम काबिले-तारीफ है. लेकिन साथ ही अफसोस जताते हुए यह भी कहा कि दागी अफसर सरकारी शिथिलता के कारण छूट जाते हैं. इससे एसीबी का मनोबल गिरता है. कटारिया ने कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए और यह ज़ीरो टॉलरेंस की नीति के खिलाफ है. कटारिया बोले कि ट्रैप करने में एसीबी बड़ी मेहनत करती है, हो सकता है कि ऐसे मामले रहे होंगे, जिसमें आपका या हमारा कोई परिचित ट्रैप हुआ होगा लेकिन ऐसे मामलों को देखना चाहिए. कटारिया ने एक कलेक्टर के नौ मामलों का ज़िक्र किया और कहा कि ऐसे मामलों में समय पर कार्रवाई होनी चाहिए, एसीबी की मेहनत को सम्मान मिलना चाहिए.

गुलाब चंद कटारिया ने कहा, अभी जो कलेक्टर पकड़ा गया उस पर एसीबी में आठ मुकदमे पहले से थे, अभी उस पर यह नौवां केस है. इस तरह के अफसर को समय पर दंडित कर देते तो समस्या का समाधान हो जाता. आज हो क्या रहा है, कलेक्टर, एसपी, एसडीएम बंदी ले रहे हैं. ऐसे लोगों पर समय पर कार्रवाई करे तो जो मेहनत एसीबी कर रही है वह कामयाब होगी. कटारिया ने कहा पिछले साल एसीबी ने 365 केस बनाए, हर दिन एक केस बना. सुप्रीम कोर्ट के पहले से निर्देश हैं कि इस तरह के केसों में 3 माह में अभियोजन स्वीकति मिल जानी चाहिए, अभी हाईकोर्ट ने भी निर्देश दिए हैं.

बहरहाल राजस्थान में एंटी करप्शन ब्यूरो द्वारा की जा रही कार्रवाई लगातार लोगों की प्रशंसा बटोर रही है. वहीं एक भ्रष्टाचार मुक्त वातावरण तैयार करने में भी अहम भूमिका निभा रही है. इन पूरी कार्रवाइयों में एंटी करप्शन ब्यूरो के डीजी बीएल सोनी को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से फ्री हैंड काम करने की छूट मिली हुई है, CM की गुड बुक में टॉप ऑफिसर्स की लिस्ट में शामिल हैं. वहीं इस टीम में एक अहम किरदार सीनियर आईपीएस ADG दिनेश एमएन का भी है जो लगातार डीजी के निर्देशन में इन कार्रवाइयों को पूरी ईमानदारी से अंजाम तक पहुंचा रहे हैं.