कोटा संभागीय आयुक्त राजेंद्र विजय के कोटा, जयपुर और दौसा स्थित ठिकानों पर छापेमारी


जयपुर। राजस्थान एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) ने कोटा संभागीय आयुक्त राजेंद्र विजय के कोटा, जयपुर और दौसा स्थित ठिकानों पर छापेमारी की कार्रवाई की है। यह कार्रवाई बुधवार सुबह 7 बजे से प्रारंभ हुई, जिसमें आय से अधिक संपत्ति के मामले में दर्ज शिकायत के आधार पर तलाशी की जा रही है। एसीबी के महानिदेशक रवि प्रकाश मेहरड़ा के निर्देशन में यह छापा मारा गया, और कार्रवाई की मॉनिटरिंग उपमहानिरीक्षक (DIG) कालूराम रावत की टीम द्वारा की जा रही है।

इस छापेमारी में एसीबी की अलग-अलग टीमें कोटा, जयपुर और दौसा के विभिन्न स्थानों पर पहुंचीं। जयपुर में तारों की कूट स्थित उनके आवास, कोटा में सरकारी आवास और दफ्तर के अलावा, दौसा के दुब्बी गांव स्थित उनके पैतृक घर को भी शामिल किया गया है। तलाशी के दौरान संपत्ति के दस्तावेज, बैंक खाते, और लॉकरों से संबंधित जानकारी एकत्रित की जा रही है। दौसा में उनके पैतृक घर को सील कर दिया गया है, जबकि कोटा और जयपुर में तलाशी का काम तेजी से चल रहा है​।


राजेंद्र विजय एक प्रमोटेड आईएएस अधिकारी हैं, जिन्होंने हाल ही में कोटा संभागीय आयुक्त के रूप में कार्यभार संभाला था। इससे पहले वे बारां और बालोतरा जिलों के कलेक्टर के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। एसीबी को मिली शिकायत में उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति रखने का आरोप था, जिसे पहले गोपनीय रूप से सत्यापित किया गया था। इसके बाद ही यह व्यापक कार्रवाई शुरू की गई।

छापेमारी की इस कार्रवाई का नेतृत्व ACB के ASP पुष्पेंद्र सिंह कर रहे हैं। एसीबी की टीमें तलाशी के दौरान मिली जानकारी और दस्तावेजों की जांच कर रही हैं, हालांकि अब तक इस तलाशी में क्या-क्या बरामद हुआ है, इसकी आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।

यह तलाशी अभियान राज्य के प्रमुख अधिकारियों और अन्य भ्रष्टाचार निरोधक संस्थाओं के लिए एक अहम कदम माना जा रहा है, क्योंकि यह कार्रवाई बड़े पैमाने पर और कई स्थानों पर एक साथ की जा रही है।