जयपुर. जून, 2021 में 3 लाख रुपए की रिश्वत (Bribe) लेते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (Anti Corruption Bureau) द्वारा रंगे हाथों पकड़े गए श्रम आयुक्त प्रतीक झाझड़िया (Labor Commissioner Prateek Jhajharia) को राज्य सरकार ने उस वक़्त तो निलंबित कर दिया था। कार्मिक विभाग ने झाझड़िया के निलंबन (Suspend) के आदेश भी जारी कर दिए थे। निलंबन काल के दौरान प्रतीक ने अपनी सेवाएं प्रमुख सचिव कार्मिक विभाग, जयपुर में दी। रिश्वत लेने के मामले में प्रतीक जेल में भी बंद रहे। आरोप था कि रिश्वत की रकम मासिक बंधी के रूप में दलालों के मार्फत श्रम विभाग के अफसरों से वसूली जा रही थी। भ्रष्टाचार के मामले में जमकर चांदी कुटी जा रही थी।
इतना सब होने के बावजूद एकबार फिर राजस्थान सरकार ने प्रतीक झाझड़िया को पोस्टिंग दे दी है। अब एपीओ चल रहे प्रतीक झांझडिया को बुनकर संघ में एमडी लगाया गया है।
अब सवाल यह उठता है कि या तो भ्रष्टाचार के खिलाफ एसीबी ने उस वक़्त जो कार्रवाई की थी वह गलत थी? या फिर राजस्थान सरकार के पास अफसरों की कमी है? या प्रतीक झाझड़िया अच्छे रसूखात वाले अधिकारी हैं जिसके दबाव में सरकार काम कर रही है। राजस्थान की ब्यूरोक्रेसी में प्रतीक झाझडिया की पोस्टिंग चर्चा का विषय बनी हुई है।
ब्यूरोक्रेसी का मानना है कि एक तरफ कई काबिल अफसर अपनी बेहतरीन परफॉर्मेंस देने के लिए अच्छे विभाग में पोस्टिंग के इंतजार में हैं वहीं दूसरी ओर भ्रष्टाचारी और खुलेआम रिश्वत लेने वाले अधिकारियों को इस तरह से पोस्टिंग देना सरकार की मंशा पर भी सवाल उठाता है।
आज भले ही प्रतीक झाझडिया को बुनकर संघ में लगाया गया हो लेकिन इसके बाद में उनको फिर से किसी महत्वपूर्ण विभाग की जिम्मेदारी दे दी जाएगी। अपने चहेते को इस तरह से पोस्टिंग देने की यह एक सरकारी रणनीति होती है।
इससे ना केवल प्रतीक झाझडिया को ₹300000 की रिश्वत लेते हुए पकड़ने वाले ACB के अधिकारी भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करने में हतोत्साहित होंगे बल्कि बेहतर कार्य करने वाले अधिकारियों पर भी नकारात्मक असर पड़ेगा। और तो और सरकार की छवि भी इससे धूमिल होती है। जनता में गलत मैसेज जाता है। इस बारे में सरकार को फिर से सोचने की जरूरत है।
बता दें कि प्रतीक भारतीय डाक सेवा 2011 बैच के अधिकारी हैं। और प्रतियुक्ति पर राजस्थान सरकार में अपनी सेवाएं देने आए थे। शनिवार देर रात जारी आईएएस तबादला लिस्ट में ही उनका भी नाम शामिल किया गया और उन्हें पोस्टिंग दी गई।