जयपुर। रोड़ एक्सीडेंट में घायल एक नाबालिक को गलत तरीके से टच करने और छेड़छाड़ के मामले में मणिपाल हॉस्पिटल के खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। विद्याधर नगर इलाके में स्थित मणिपाल हॉस्पिटल के डॉक्टर पर नाबालिग ने छेड़छाड़ का आरोप लगाया है।
बताया गया है कि स्कूटी से गिरने के बाद मां-बेटी इलाज के लिए गई थीं। इमरजेंसी में इलाज के बहाने गलत तरीके (बैड) से टच करने का आरोप लगाया गया है। शिकायत पर पॉक्सो एक्ट में शनिवार शाम FIR दर्ज कर पुलिस ने पड़ताल शुरू कर दी है।
हॉस्पिटल स्टाफ से पूछताछ की जा रही है और अस्पताल में लगे CCTV फुटेज को खंगाले जा रहे हैं। इस पूरे मामल में थानाधिकारी का कहना है कि सेक्टर-6 विद्याधर नगर निवासी 44 साल के सरकारी ऑफिसर ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज करवाई है कि उसकी 14 साल की बेटी प्राइवेट स्कूल में 9वीं क्लास में पढ़ती है। 6 अक्टूबर को सुबह उसकी मां नाबालिग बेटी को स्कूटी से स्कूल छोड़ने जा रही थी।
विद्याधर नगर स्थित प्रतिष्ठा कॉलोनी से जाते समय रोड पर अचानक कुत्ता आ गया। कुत्ते को बचाने के प्रयास में ब्रेक लगाने से स्कूटी स्लिप हो गई। मां-बेटी दोनों रोड पर गिरकर घायल हो गईं। लोगों की मदद से पहले घायल मां-बेटी को अग्रसेन हॉस्पिटल पहुंचाया गया, प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें सीकर रोड स्थित मणिपाल अस्पताल में लाया गया। जहां हॉस्पिटल की इमरजेंसी में मां-बेटी को भर्ती किया गया।
इसी दौरान इमरजेंसी में तैनात डॉ. रवि रंजन ने नाबालिग बेटी से इलाज के बहाने गलत तरीके से टच किया। इलाज के बाद घायल बेटी को जहां उसी दिन डिस्चार्ज कर दिया गया वहीं और मां को दूसरे दिन छुट्टी दी गई। जब पीड़िता ने अपनी मां को पूरा घटनाक्रम बताया तो उसके बाद हॉस्पिटल जाकर डॉक्टर के बारे में पता किया गया। दंपती नाबालिग बेटी को लेकर हॉस्पिटल पहुंचा। डॉक्टर की पहचान के लिए वहां मौजूद स्टॉफ से पूछताछ की। हॉस्पिटल स्टॉफ को डॉक्टर की फोटो वॉट्सऐप पर दिखाई गई तो बच्ची ने डॉक्टर को पहचान लिया। हॉस्पिटल प्रशासन ने डॉक्टर को बुलाया। सामने आने पर भी बच्ची ने पहचान कर ली। परिवार वालों ने हॉस्पिटल प्रशासन में डॉक्टर के विरुद्ध शिकायत की। पीड़िता के पिता ने थाने जाकर आरोपी डॉक्टर रवि रंजन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई।
वहीं इस मामले में आरोपी डॉक्टर रवि रंजन का कहना है कि दोनों को रोड एक्सीडेंट में घायल होने के बाद हॉस्पिटल लाया गया था, इलाज के दौरान फीमेल स्टाफ भी मौजूद थी। बच्ची के घुटने में गहरी चोट होने पर 5-6 टांके लगाए गए। फ्रैक्चर डाउट को लेकर एक्स-रे भी करवाया गया। फीमेल स्टॉफ के साथ मिलकर बच्ची के पेन वाली जगहों को चेक किया गया था। बच्ची को इलाज के दौरान छेड़छाड़ क्यों लगा मुझे पता नहीं। इलाज के दौरान मैंने बेटा कहने के अलावा बच्ची का नाम तक नहीं लिया। अरोप निराधार हैं।