नई दिल्ली. गुरुवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला राहुल गांधी के व्यवहार से खफा नजर आए. उन्होंने राहुल गांधी के व्यवहार को लेकर नाराजगी जाहिर की और उनके तरीके को सदन की मर्यादाओं का उल्लंघन भी माना.
पर अब सवाल यह उठता है कि आखिर राहुल गांधी ने ऐसा क्या कर दिया जिसके चलते हैं ओम बिरला ने यह नाराजगी जाहिर की. क्या वाकई में राहुल गांधी ने जो किया वह गलत था? सोशल मीडिया पर इसको लेकर बहस छिड़ी हुई है.
दरअसल हुआ कुछ यूं कि कांग्रेस नेता और पूर्व पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने गुरुवार को लोक सभा में संसदीय मर्यादा का उल्लंघन किया. उन्होंने लोक सभा स्पीकर (Lok Sabha Speaker) की अनुमति के बिना कृषि कानूनों (Agriculture Laws) के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हुई किसानों की मौत के लिए 2 मिनट का मौन रखवाया. जबकि उन्हें नियमानुसार इसकी अनुमति लेनी थी. पर ऐसा हुआ नहीं और राहुल गांधी (Rahul Gandhi) द्वारा मर्यादा तोड़ने के बाद स्पीकर ओम बिरला (Om Birla) नाराज हो गए. और उन्होंने तो टूक शब्दों में कहा कि 'सदन चलाने की जिम्मेदारी मेरी है और अनुमति के बिना ऐसा नहीं होना चाहिए. यह नियमों का उल्लंघन है. अगर राहुल गांधी मौन रखवाना चाहते थे तो पहले उनको अनुमति लेनी चाहिए थी.' लोक सभा स्पीकर ओम बिरला नाराजगी जताते हुए यह भी बोले कि 'सदन चलाने की जिम्मेदारी आप लोगों ने मुझे सौंपी है. इसलिए मुझे तय करने दीजिए.' लेकिन इसके तुरंत बाद राहुल गांधी ने लोक सभा से वॉकआउट किया.
इससे पहले लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी बोले कि, 'मैं बजट पर टिप्पणी नहीं करूंगा और प्रदर्शन के तौर पर बजट पर नहीं बोलूंगा. मैं आज सिर्फ किसान के मुद्दे पर बोलूंगा, जो किसान शहीद हुए उन लोगों को सदन में श्रद्धांजलि नहीं दी गई है. मैं भाषण के बाद दो मिनट के लिए किसानों के लिए मौन रहूंगा. आप मेरे साथ खड़े हो जाइए.' इसके बाद कांग्रेस के सदस्यों ने मौन धारण किया.
बरहाल जहां NDA समर्थक विधायकों ने राहुल गांधी के इस व्यवहार की निंदा की, वहीं कांग्रेस और उनके समर्थक दलों ने राहुल के इस कदम को जायज बताया. उनका यह कहना था कि किसानों की मौत पर मौन रखना कोई गलत नहीं है, क्योंकि इस मुद्दे की लगातार अनदेखी देश की एनडीए सरकार द्वारा की जा रही थी. ऐसे में राहुल गांधी ने कुछ भी गलत नहीं किया. बहरहाल इस विषय पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है देखना होगा लोकसभा स्पीकर इस पूरे मामले में आगे क्या कदम उठाते हैं.