राजू ठेहट हत्याकांड के सभी आरोपी 24 घंटे में गिरफ्तार! जानें कौन हैं उमेश मिश्रा जिनके निर्देशन में मिली पुलिस को बड़ी सफलता?


जयपुर (राकेश दाधीच)। राजस्थान पुलिस ने एक बड़े गैंगवार के दौरान मारे गए गैंगस्टर राजू ठेहट के हत्या के सभी पांच आरोपियों को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। सीकर में राजू ठेहट के साथ एक अन्य व्यक्ति की गोली मारकर हत्या करने वाले आनंदपाल और लाॅरेंस विश्नोई गैंग से जुड़े अपराधी जहां सोशल मीडिया के जरिए अपनी जीत का जश्न मनाने और बधाइयां देने में लगे थे ठीक उसी वक्त कुछ ही पलों में राजस्थान पुलिस के डीजीपी उमेश मिश्रा ने इसे तुरंत गंभीरता से लेते हुए मोर्चा संभाला। हर बड़े पुलिस अधिकारी को खुद फिल्ड में मोर्चा संभालने के निर्देश दिए गए। वहीं उन तमाम रास्तों पर इतनी जबरदस्त नाकाबंदी की गई की गैंगवार और हत्या में शामिल अपराधियों का राज्य की सीमा से बाहर भागना तक दुश्वार हो गया वहीं जान बचाना तक मुश्किल हो गया।

पुलिस ने जिस रास्ते से अपराधी भागे हर उस रास्ते पर कड़ी नाकाबंदी की। राजस्थान पुलिस के जवानों ने अपराधियों के हथियारों से लैस होने के बावजूद अपनी जान की परवाह किए बिना इन अपराधियों को ना केवल अपने चक्रव्यूह में फंसा लिया, बल्कि सभी को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार भी कर लिया। और साथ ही यह मैसेज भी दिया कि आमजन में विश्वास कायम करने के लिए राजस्थान पुलिस तत्पर है। यह पहला मौका नहीं है जब राजस्थान पुलिस के मुखिया ने मोर्चा संभालने के एक माह के भीतर ही इस तरह के एक बड़े ऑपरेशन में सफलता पाई है।

इससे कुछ दिनों पहले उदयपुर-अहमदाबाद रेलवे ट्रेक को ब्लास्ट कर उड़ाने की साजिश का भी खुलासा करने में उमेश मिश्रा की लीडरशिप कमाल की रही। इस घटना से जुड़े मास्टर माइंड को भी कुछ ही घंटों के भीतर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया गया।

ऐसे में अब डीजीपी उमेश मिश्रा को ना केवल सीएम अशोक गहलोत ने इस सफलता के लिए बधाई दी है बल्कि तमाम पुलिस महकमें के साथ ब्यूरोक्रेसी और आमजन में भी उमेश मिश्रा और उनके निर्देशन में काम कर रही राजस्थान पुलिस को बधाई मिल रही है।

बता दें कि उमेश मिश्रा राजस्थान के नए पुलिस महानिदेशक होंगे। 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी उमेश मिश्रा डीजीपी बनने से पहले राजस्थान पुलिस में इंटलीजेंस के डीजी रहे। इस दौरान उनका बेहतरीन कार्य कई बार सरकार को संकट से बचाने में कामयाब रहा। कई ऐसे इनपुट सरकार को समय रहते उपलब्ध कराए गए जिससे ना केवल राजस्थान में प्रशासनिक और कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने में मदद मिली। बल्कि सरकार को गिराने की साजिश में लगे लोगों से भी सरकार को समय रहते सचेत किया गया। उमेश मिश्रा दिसम्बर 2018 से अशोक गहलोत की सरकार में इंटेलिजेंस के चीफ रहे। इतना ही नहीं राजस्थान एसीबी के मुखिया के तौर पर भी उमेश मिश्रा का कार्यकाल निर्विवाद और सराहनीय रहा। हाल ही में अक्टूर में उन्होंने बतौर राजस्थान पुलिस महानिदेशक का कार्यकाल संभाला, जो 2 साल का रहेगा। उमेश की गिनती राजस्थान पुलिस में काबिल, रिजल्ट ऑरिएंटेड, जवाबदेह और जिम्मेदार, तेज तर्रार और बेदाग छवि वाले पुलिस अधिकारियों में की जाती है। यही कारण है कि गहलोत सरकार की गुड बुक में उमेश मिश्रा टाॅप लिस्ट में शामिल हैं।

मूल रूप से उत्तरप्रदेश में कुशीनगर के रहने वाले आईपीएस उमेश मिश्रा 3 नवम्बर को एमएल लाठर के सेवानिवृत्त होने के बाद राजस्थान पुलिस के डीजीपी बने हैं। पुलिस महकमें में एक लम्बा कानून व्यवस्था संभालने का अनुभव अपने में समेटे हैं। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है है कि राजस्थान पुलिस के डीजीपी बनने से पहले आईपीएस उमेश मिश्रा चुरु, भरतपुर, पाली, कोटा शहर जैसे शहरों में एसपी रह चुके हैं। आईजी भरतपुर रेंज, आईजी एटीएस, आईजी विजिलेंस, आईजी जोधपुर रेंज, आईजी एसीबी, एडीजी एसीबी, एडीजी एसडीआरएफ, एडीजी सिविल राइट्स, एडीजी एटीएस एंड एसओजी, एडीजी इंटेलीजेंस का जिम्मा भी उमेश मिश्रा ने पूर्व में संभाला हैं।

 

यह कार्रवाई की गई

राजू ठेहट की हत्या में शामिल चार शूटर्स सहित पांच आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया गया। दो बदमाशों को हरियाणा के बॉर्डर के नजदीक डाबला से गिरफ्तार किया गया जबकि तीन की गिरफ्तारी झुंझुनू के पौंख गांव से हुई है। पुलिस ने इनके पास से भारी मात्रा में हथियार और चोरी की क्रेटा गाड़ी भी बरामद की है। ये शूटर्स बीते करीब एक महीने से राजू ठेहट की रेकी कर रहे थे। पकड़े गए दो आरोपी मनीष जाट और विक्रम गुर्जर सीकर के रहने वाले हैं। इनके अलावा हरियाणा के भिवानी जिले के सतीश कुम्हार, जतिन मेघवाल और नवीन मेघवाल को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस से मुठभेड़ में एक आरोपी को गोली भी लगी है।