जयपुर. राजस्थान में मंदिर की जमीन के विवाद को लेकर पुजारी को जिंदा जला दिया गया. खबर जंगल में आग की तरह फैली तो ब्राह्मण संगठनों के साथ विभिन्न संगठनों ने भी पुरजोर तरीके से घटना की निंदा की है. खुद राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस घटना की निंदा करते हुए तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए जिसके बाद मुख्य आरोपी कैलाश मीना को 24 घंटे के भीतर जिला SP मृदुल कच्छावा के नेतृत्व गिरफ्तार कर लिया गया. सरकार खुद पुजारी को जलाकर मारने की घटना से आहत है.

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय बताते हुए कहा कि सभ्य समाज में ऐसे कृत्य का कोई स्थान नहीं है. प्रदेश सरकार खुद इस दुखद घटना के समय शोकाकुल परिजनों के साथ है. घटना का मुख्य आरोपी गिरफ्तार कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है. दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.
घटना करौली जिले के सपोटरा विधानसभा क्षेत्र की है. कांग्रेस के पूर्व कैबिनेट मंत्री और मौजूदा विधायक रमेश इसी विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर विधानसभा तक पहुंचे हैं, उन्होने इस पूरे घटनाक्रम पर चिंता जताते हुए तुरंत स्थानीय प्रशासन को कार्रवाई के निर्देश दिए वहीं कहा कि सपोटरा में मंदिर के पुजारी बाबूलाल जी को जिंदा जलाने की घटना निंदनीय है. ऐसी घटनाएं सभ्य समाज के लिए सही नहीं. यह क्षमा योग्य अपराध नहीं है. जिले के पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त करवाई हो. मुख्य आरोपी पकड़ा जा चुका है और शेष आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार करने के निर्देश दिए हैं.
बहरहाल पुजारी की जयपुर के एसएमएस अस्पताल में इलाज के दौरान गुरुवार को मौत हो गई. जिसके बाद सर्व ब्राहमण महासभा के पंडित सुरेश मिश्रा, राजस्थान गौड ब्राहमण महासभा के पंकज पचलंगिया , विप्र फाउण्डेशन के राजेश कर्नल, जन समस्या निवारण मंच के सूरज सोनी सहित विभिन्न संगठनों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है. साथ ही मृतक पुजारी के एक आश्रित को सरकारी नौकरी देने और उनके आश्रितों को एक करोड रुपए तक का मुआवजा देने की मांग की.

पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भी इस घटना की निंदा की है.
सर्व ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पं. सुरेश मिश्रा के नेतृत्व में विभिन्न सामाजिक संगठनों ने पुलिस महानिदेशक भूपेन्द्र सिंह यादव से वार्ता की और परिजनों की और सामाजिक संगठनों की मांगों पर चर्चा हुई. जिसके बाद डीजीपी के निर्देश पर जयपुर के अति. पुलिस कमिश्नर राहुल प्रकाश और आईपीएस राहुल जैन एसएमएस हाॅस्पिटल मुर्दाघर पहुंचे. जहां पर सामाजिक संगठनों के साथ बातचीत में 5 बिन्दुओ पर सहमति बनीं-
1. थानाधिकारी को तुरंत प्रभाव से हटाया जायेगा और 24 घंटे में उसके खिलाफ कार्यवाही होगी.
2. मामले की पुरी जांच दूसरे सर्किल के पुलिस उप अधीक्षक के अधिकारी से करवाई जायेगी.
3. परिजनों की पुलिस निगरानी में पुख्ता सुरक्षा की व्यवस्था की जायेगी.
4. परिजनों को आर्थिक मुआवजा दिया जायेगा.
5. परिजनों में से किसी एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी दी जायेगी.