कोरोना संकटकाल में जयपुर के रेजिडेंट डॉक्टर्स कर सकते हैं अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार, जानें क्यों कर रहे ऐसा काम?


जयपुर. राजस्थान में कोरोना संकटकाल में दिन-रात एक कर कोरोना वॉरियर्स के रूप में सेवाएं दे रहे रेजिडेंट डॉक्टर्स सड़कों पर उतरने की तैयारी में हैं. डॉक्टर का आरोप है कि सीमित संसाधन होने के बावजूद कोरोना संकटकाल में रेजिडेंट डॉक्टर्स ने अपना बेस्ट दिया है. समर्पित भाव से कार्य किया है. बावजूद इसके कोरोना के 8 माह बीत जाने के बाद भी रेजिडेंट डॉक्टर्स के लिए ना तो बेड की आपूर्ति है, ना ही सैंपल कलेक्शन के लिए अलग से कोई पर्याप्त व्यवस्था है. कोरोना संकटकाल में अपनी अनदेखी से परेशान जयपुर एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स (JARD) ने साफ कर दिया है कि अगर उनकी 7 प्रमुख मांगों को नहीं माना गया तो अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार करेंगे.

19 और 20 सितंबर को सभी रेजिडेंट डॉक्टर्स काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन करेंगे और 21 सितंबर को सुबह 8:00 बजे से 10:00 बजे तक कार्य बहिष्कार का भी निर्णय किया है. मांगे नहीं मानी गई तो उसके बाद अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार की भी बात एसोसिएशन ने कही है.

एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ अशोक बिश्नोई, उपाध्यक्ष डॉ प्रशांत कुमार, महासचिव रविंद्र, संयुक्त सचिव रामराज मीणा, राज्य समन्वयक डॉ धर्मेंद्र इशरान की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में सात प्रमुख मांगें उठाई गई है.

 

प्रमुख मांगें:


1- कोरोना संक्रमित रेसिडेंट्स के लिए SMS में अलग से कॉटेज रूम रिजर्व किए जाएं.


2- IDH और वेंटिलेटेड आईसीयू के 50% बेड रेजिडेंट्स के लिए रिजर्व किए जाएं.


3- एडमिटेड रेजिडेंट के लिए पर्याप्त नर्सिंग कर्मचारी, वार्ड बॉय, स्वीपर और खाने पीने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए.


4- रेजिडेंट डॉक्टर्स के कोरोना सैंपल कलेक्शन की अलग से व्यवस्था बनाई जाए.


5- ड्यूटी कर रहे हैं एनएसथीसिया और मेडिसिन के रेजिडेंट्स का वर्क लोड अत्यधिक बढ़ गया है. ऐसे में वैकल्पिक व्यवस्था हो ताकि काम का बंटवारा होने से रेजिडेंस पर वर्क लोड और एक्स्पोज़र कम हो.


6- ड्यूटी पर तैनात और संक्रमित (पॉजिटिव) रेजिडेंट डॉक्टर्स के लिए पर्याप्त क्वॉरेंटाइन की पारदर्शी गाइडलाइन स्थापित की जाए.


7- ड्यूटी कर रहे हैं स्वास्थ्य कर्मियों को सरकारी आदेशानुसार Covid ड्यूटी इंसेंटिव दिया जाए.