जयपुर. खाकी को बदनाम करने वाला भ्रष्टाचारी आईपीएल राजस्थान एंटी करप्शन ब्यूरो ने रेस्ट कर लिया है. दौसा में एसपी रहे आईपीएस मनीष अग्रवाल पर दौसा एसपी रहते हुए हाइवे बना रही कंपनी को धमकाकर 38 लाख रुपए की रिश्वत लेने का आरोप है. मनीष अग्रवाल को दोपहर करीब 1 बजे जयपुर के झालाना स्थित एसीबी ऑफिस लाया गया. एसीबी महानिदेशक बीएल सोनी ने बताया कि आईपीएस मनीष के घर की तलाशी की जा रही है. हाइवे निर्माण कंपनी से रिश्वत लेने के मामले में एसीबी की यह चौथी गिरफ्तारी है. इस मामले में एसीबी ने 13 जनवरी को बांदीकुई की एसडीएम रही पिंकी मीणा और दौसा एसडीएम रहे पुष्कर मित्तल और दलाल नीरज मीणा को गिरफ्तार किया था. यह तीनों अभी जेल में हैं.

रिश्वतखोरी के इस मामले की जांच में ही आईपीएस मनीष अग्रवाल का नाम सामने आया था. एसीबी को पता चला था कि दलाल नीरज मीणा ने तब दौसा एसपी रहे मनीष अग्रवाल के नाम पर कंपनी के अधिकारियों को धमकाकर रिश्वत ली थी। कंपनी के काम में रुकावट नहीं डालने की एवज में हर माह 4 लाख रुपए लिए जा रहे थे। इसके अलावा, कंपनी के खिलाफ कुछ केस को रफा-दफा करने के एवज में 10 लाख रुपए लिए। दलाल नीरज कंपनी से 38 लाख की रिश्वत ले चुका था। आईपीएस का नाम सामने आने के बाद सरकार ने उन्हें दौसा एसपी पद से हटा दिया था और मुख्यालय में अटैच कर दिया था। एसीबी ने जब जांच की तो दलाल नीरज मीणा और एसपी के बीच बातचीत के सुबूत मिले। इसके बाद एसीबी ने आईपीएस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू की थी। जांच में दलाल और एसपी के बीच बातचीत के सुबूत भी मिले। इसके साथ ही, दोनों के बीच रुपए के लेनदेन के सुबूत भी मिले। मामले की पुष्टि होने के बाद एसीबी ने मंगलवार को आईपीएस को गिरफ्तार कर लिया।