18 जून तक भारत में खत्म हो जाएगी कोरोना महामारी! दो रिसर्च की सुखद भविष्यवाणी


नई दिल्ली. हर भारतवासी के मन में यह सवाल है कि आखिर कब खत्म होगा कोरोना? कब फिर से भारतीय पहले जैसा सामान्य जीवन जी पाएंगे और फिर से देश में उद्योग धंधे खड़े होंगे? लोगों का सही से दो वक्त की रोटी और रोजगार मिलेगा? इस मसले पर ना तो केन्द्र और ना ही राज्य सरकार अब तक खुलकर कोई दावा कर पा रहे हैं ना ही यह बता पा रहे हैं कि कब तक जन जीवन सामान्य हो जाएगा.

पर इन सबसे परे दो भविष्यवाणियां भारत को लेकर इस वक्त चर्चा में है. जिसका आधार है कोरोना संक्रमण से जुड़े डाटा का गहन अध्ययन और रिसर्च.

दोनों ही भविष्यवाणियों का निष्कर्ष यह निकलकर आ रहा है कि भारत में मई में कोरोना का प्रकोप काफी हद तक कम हो जाएगा. और यदि सबकुछ ठीक रहा, सरकारी निर्णय अभी की ही तरह प्रभावी रहे, सख्ती रही तो 18 जून को देश कोरोना से मुक्त भी हो जाएगा.

पहली भविष्यवाणी सिंगापुर यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी एंड डिजाइन (SUTD) की ने जारी की है. जिसमें भारत को 18 जून तक कोरोना मुक्त होने की बात कही गई है. इसके मुताबिक भारत में 21 मई तक कोरोना के 97% तक कोरोना संक्रमण खत्म होने का दावा किया जा रहा है. साथ ही कहा गया है कि 18 जून तक यह पूरी तरह से भारत से खत्म हो जाएगा. यूनिवर्सिटी की स्टडी में मरीज के ठीक और संक्रमित होने के डाटा के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से वायरस के फैलने की रफ्तार का विश्लेषण कर यह निष्कर्ष निकाला गया है.

इस भविष्यवाणी में यह भी अनुमान लगाया गया है कि दुनिया से वायरस को 100 फीसदी खत्म होने में 8 दिसंबर तक का समय लग सकता है. हालांकि यह भविष्यवाणी सच ही साबित होगी ऐसा नहीं कहा जा सकता लेकिन यह भारत के लिए एक अच्छी उम्मीद जरुर लिए हुए हैं. बड़ी बात यह है कि SUTD की स्टडी में इटली और स्पेन को लेकर जो डेटा दिए गए हैं, वो काफी कुछ सही साबित भी हो रहे हैं. ऐसे में इसकी रिपोर्ट पर भरोसा करने का जायज कारण भी नजर आता है.

रिसर्चर्स ने दुनिया के 131 देशों के संक्रमण से जुड़े आंकडों की गणना की है, जहां कोरोना वायरस लोगों को सबसे ज्यादा परेशान कर रहा है.

दूसरी भविष्यवाणी खुद भारत सरकार ने की है जिसमें लॉक डाउन के पहले हफ्ते यानी 24 से 30 मार्च के दौरान देश में कोरोना संक्रमण के मामले 5.2 दिनों में दोगुने हो रहे थे. वहीं दूसरे हफ्ते में यानी 31 मार्च से 6 अप्रैल में केस के बढ़ने की रफ्तार थोड़ी बढ़ गई और ये महज 4.2 दिनों में दोगुनी होने लगी. लेकिन तीसरे हफ्ते यानी 7 से 13 अप्रैल के बीच 6 दिनों में दोगुने होने की रफ्तार रही. वहीं चौथे हफ्ते यानी 14 से 20 अप्रैल तक केसों के दोगुने होने की रफ्तार 8.6 दिन हो गई. इसके बाद पांचवे हफ्ते के आंकड़े बताते हैं कि संक्रमण दोगुने होने की रफ्तार 10 दिन रही.

भारत सरकार की इस रिपोर्ट में डाटा स्टडी के आधार पर देश में कोरोना महामारी के चरम पर पहुंचने की तारीख 30 अप्रैल बताई गई है. और बताया गया है कि फिर ये तेजी से नीचे आएगा और इसके बाद धीरे-धीरे 16 मई तक अपने न्यूनतम स्तर पर पहुंचने की संभावना है. यह वो ही समय होगा जब कोरोना के 97% खत्म होने की भविष्यवाणी सिंगापुर की यूनिवर्सिटी ने भी की है.

कोरोना पर बनी भारत सरकार की टास्क फोर्स या हाईपावर कमेटी और सिंगापुर की इस यूनवर्सिटी के निष्कर्ष करीब करीब एक जैसे हैं. दोनों के ही निष्कर्ष में यह दावे किए जा रहे हैं भारत जीतेगा, बस थोड़ा वक्त और लगेगा. और देश को राहत मिलने या कोरोना से मुक्ति की गाथा मई माह में लिखी जा सकती है.

SUTD की रिपोर्ट की मानें तो सऊदी अरब में 21 मई, अमेरिका में 11 मई, इटली में 7 मई, सिंगापुर में 4 जून को, कतर में 26 जुलाई और नाइजीरिया में 19 जून को कोरोना वायरस के संक्रमण के खत्म होने की संभावना है.

बहरहाल यह दोनों ही भविष्यवाणियां इस देश के लोगों को काफी हद से आशा की एक नई किरण दिखा रही है, लेकिन इस दौरान भारतीयों ने जो धैर्य, संयम और अनुशासन का परिचय सरकारी गाइडलाइन की पालना में दिया है उसे बरकरार रखना पड़ेगा. धैर्य कड़वा जरुर होता है परन्तु फल इसका मीठा होता है. फिजिकल डिस्टेंसिंग के साथ सावधानी ही बचाव के सिद्धांतों की पालना करनी होगी.