लद्दाख. LAC पर चीन-भारत के बीच फायरिंग हुई है. पूर्वी लद्दाख इलाके में बीती रात चीन की सेना ने लद्दाख में एक बार फिर घुसपैठ की कोशिश की. भारतीय चौकी की तरफ फायरिंग की. जवाब में भारतीय सेना ने भी फायरिंग की. चीन ने पूरी घटना का दोष भारत पर मढ़ा. कहा, 'भारतीय सेना ने गैरकानूनी तरीके से एलएसी पार की और पैंगोंग झील के दक्षिणी किनारे में घुस आए. भारतीय सैनिकों ने ही पहले गोली चलाई. जवाब में चीनी सेना को जबरन फायरिंग करनी पड़ी.' गौर करने वाली बात यह है कि यह LAC पर फायरिंग कई दशकों बाद हुई है. भारत और चीन के बीच सीमा को लेकर तनाव कम होने के आसार फिलहाल नहीं दिख रहे हैं. सोमवार देर रात दोनों देशों के बीच हुए फायरिंग की यह घटना करीब 45 साल बाद हुई है. लद्दाख में भारत-चीन सीमा पर इससे पहले 1975 में गोलियां चली थीं. उस समय अरुणाचल प्रदेश के तुलुंग ला में असम राइफल्स के जवानों की पैट्रोलिंग टीम पर हमला हुआ था, जिसमें कई जवान शहीद हुए थे. इसके बाद 1993 में भारत और चीन के बीच एक समझौता हुआ था, जिसमें सहमति बनी थी दोनों देश सीमा पर किसी भी हाल में फायरिंग नहीं करेंगे. इसी समझौते के चलते 15 जून को गलवन घाटी में हिंसक झड़प के बावजूद गोली नहीं चली थी. बहरहाल मामला गर्माता जा रहा है और दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर नज़र रहा है.