जानें क्यों राजस्थान में 03 अक्टूबर की मध्यरात्रि से आगामी आदेश तक निषेधाज्ञा लागू की गई


जयपुर। पंचायतीराज संस्थाओं के चुनावों को शांतिपूर्ण, स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराने के लिए जयपुर जिले के सभी क्षेत्रों एवं सभी वर्ग के मतदाताओं एवं अभ्यर्थियों द्वारा अपने मत एवं अधिकार का प्रयोग करने तथा चुनाव प्रचार के दौरान अवांछित, असामाजिक, अवांछित एवं बाह्यक तत्वों की गतिविधियों को नियंत्रित करने तथा कानून व्यवस्था एवं लोकतांत्रिक बनाये रखने हेतु प्रतिबंधात्मक उपाय किए गए हैं।
राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के क्रम में, जिला मजिस्ट्रेट, जयपुर संदेश नायक ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिला जयपुर में जयपुर पुलिस आयुक्तालय (कमिश्नरेट) क्षेत्र के अलावा समस्त क्षेत्र जो जिला प्रशासन जयपुर ग्रामीण एवं कोटपूतली-बहरोड़ के क्षेत्र में है, क्षेत्र में प्रतिबन्ध लागू किया है।
आदेशानुसार कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रकार का विस्फोटक पदार्थ, रासायनिक पदार्थ, आग्नेय अस्त्र-शस्त्र, जैसे रिवाल्वर, पिस्टल, बंदूक, एम.एल. गन, डी.एल. गन, आदि एवं अन्य हथियार जैसे गंडासा, फरसा, तलवार, भाला, कृपाण, चाकू छुरी, छुरा, गुप्ती, कटार, बरछीया, धारदार/सरिया जो किसी धातु के शस्त्र के रूप में बना हो आदि तथा विधि द्वारा प्रतिषेधित हथियार और मोटे हथियार लेकर यात्रा नहीं करेगा और न ही धारण करेगा और न ही प्रदर्शन करेगा और न ही साथ में लेकर चलेगा।
यह आदेश राष्ट्रीय सीमा सुरक्षा बल, राजस्थान सशस्त्र पुलिस बल, राजस्थान सिविल पुलिस, चुनाव ड्यूटी में तैनात अर्द्धसैनिक बल, होमगार्ड एवं चुनाव ड्यूटी में तैनात अधिकारियों, कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा। यह आदेश धार्मिक परम्पराओं के अनुसार निर्धारित शस्त्र रखने की छूट होगी।यह आदेश शस्त्र अनुज्ञापत्र नवीनीकरण हेतु आदेशानुसार शस्त्र निरीक्षण करवाने हेतु अथवा शस्त्र पुलिस थाना में जमा कराने हेतु जाने पर लागू नहीं होगा।दिव्यांग एवं बीमार व्यक्ति जो बिना लाठी के सहारे नहीं चल सकते हैं। लाठी/बैसाखी का उपयोग करने में सहारा लेने हेतु कर सकते हैं। राष्ट्रीय राइफल एसोसिएशन के वह सदस्य जो प्रतियोगिता तैयारी एवं भाग लेने जा रहे हैं, उन पर यह आदेश लागू नहीं होगा।
कोई भी व्यक्ति संबंधित उपखण्ड मजिस्ट्रेट की स्वीकृति के बिना किसी भी सार्वजनिक स्थल पर राजनीतिक प्रयोजन के लिए जुलूस, सभा, धरना, भाषण आदि का आयोजन नहीं करेगा एवं न ही ध्वनि प्रसारण यंत्र का प्रयोग किया जावेगा। उपखण्ड मजिस्ट्रेट की पूर्व अनुमति के बिना ध्वनि प्रसारण यंत्र का प्रयोग किया जा सकेगा। ध्वनि प्रसारण यंत्र हेतु अनुमति संबंधित उपखण्ड मजिस्ट्रेट द्वारा प्रातः 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक प्रसारण यंत्र के उपयोग हेतु दी जा सकेगी। ऐसे आयोजनों में कोई इस प्रकार का कृत्य नहीं करेगा जिससे किसी प्रकार की व्यवस्था एवं जनशांति भंग होने की संभावना हो। यह प्रतिबन्ध बारात एवं शवयात्रा पर लागू नहीं होगा।
कोई भी व्यक्ति भाषायी, जातीय या साम्प्रदायिक सद्भावना को ठेस पहुंचाने वाले तथा उत्तेजनात्मक नारे नहीं लगाएगा, न ही ऐसा कोई भाषण या उद्बोधन देगा, न ही ऐसे किसी पम्पलेट, पोस्टर या अन्य प्रकार की चुनाव सामग्री छापेगा या छपवायेगा, वितरित करेगा या करवायेगा और न ही किसी एम्पलीफायर,  रेडियो, टेपरिकॉर्डर, लाउडस्पीकर, ऑडियो-वीडियो कैसेट या अन्य किसी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण के माध्यम से इस प्रकार का प्रचार करेगा या करवायेगा और न ही किसी को दुष्प्रेरित करेगा।
कोई भी व्यक्ति तथा संस्था इंटरनेट तथा सोशल मीडिया यथा facebook, twitter, whatsapp youtube, Instagram आदि के माध्यम से किसी प्रकार का धार्मिक उन्माद, जातिगत द्वेष या दुष्प्रचार नहीं करेगा।
कोई भी व्यक्ति किसी के समर्थन या विरोध में सार्वजनिक एवं राजकीय सम्पत्तियों पर किसी तरह का नारा-लेखन या प्रति-चित्रण नहीं करेगा, न ही करवायेगा। और न ही किसी तरह के पोस्टर, होर्डिंग आदि लगायेगा, और न ही सार्वजनिक सम्पत्ति का विज्ञापन के रूप में उपयोग करेगा। किसी भी निजी सम्पत्ति का इस प्रयोजनार्थ उपयोग उसके स्वामी की लिखित पूर्वानुमति के बिना नहीं किया जा सकेगा।
कोई भी व्यक्ति किसी भी सार्वजनिक स्थान पर मदिरा का सेवन नहीं करेगा, न ही अन्य किसी को सेवन करवायेगा अथवा न ही मदिरा सेवन हेतु दुष्प्रेरित करेगा। मदिरा की दुकानों के अलावा कोई भी व्यक्ति निजी उपयोग के अलावा सार्वजनिक स्थलों में मदिरा लेकर आवागमन नहीं करेगा और न ही इस हेतु किसी को दुष्प्रेरित करेगा। शुष्क दिवस पर मदिरा-विक्रय पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेगा।
चुनाव प्रचार या प्रसार हेतु वाहनों से यथासंभव ध्वनि प्रसारण यंत्रों का प्रयोग किसी भी प्रकार का वाहन का प्रयोग नहीं करेगा/न ही करवायेगा। मंदिरों, मस्जिदों, गुरुद्वारों, गिरजाघरों, या पूजा के अन्य स्थानों, चिकित्सा स्थलों का निर्वाचन प्रचार मंच के रूप में प्रयोग नहीं किया जावेगा। मतदान केन्द्र या इसके आस-पास किसी भी व्यक्ति द्वारा पहचान स्थल के रूप में पोस्टर, झण्डे, चुनाव चिन्ह या अन्य किसी विज्ञापन सामग्री का प्रदर्शन या उपयोग नहीं किया जावेगा।
चूंकि विद्यमान परिस्थितियों में इस आदेश की व्यक्तिगत पालना कराया जाना संभव नहीं है। अतः एक पक्षीय आदेश जारी किया जाकर सर्व साधारण को जयपुर जिले के मुख्य-मुख्य स्थानों तथा उपखण्ड कार्यालय, तहसील कार्यालय, पंचायत समिति कार्यालय, ग्राम पंचायत मुख्यालय आदि पर चस्पा कर तथा प्रसार यंत्रों एवं समाचार पत्रों के माध्यम से प्रचार-प्रसार कर नागरिकों को सूचित किया जावे।
यह आदेश दिनांक 03.10.2026 (मध्य रात्रि) से तत्काल लागू होकर आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगा। उक्त निषेधाज्ञा के उल्लंघन या उल्लंघन किये जाने पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत दण्डित करवाया जावेगा।