आज के बाद चीफ व्हीप महेश जोशी के एक भी आदेश की पालना नहीं करूंगी, शांति धारीवाल और महेश जोशी सबसे बड़े गद्दार: दिव्या मदेरणा, कांग्रेस विधायक


जयपुर. राजस्थान के सियासी घमासान में दिव्या मदेरणा अपने बोल्ड और सदे हुए बयानों का लेकर खासी चर्चा में आ गई हैं। और खुलकर मंत्री शांति धारीवाल और महेश जोशी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आलाकमान के निर्देश पर विधायक दल की बैठक के समानांतर बैठक आयोजित करने पर दिव्या मदेरणा ने मंत्री शांति धारीवाल और महेश जोशी को आड़े हाथों लेते हुए दोनों को सबसे बड़ा गद्दार बताया है।

दिव्या मदेरणा ने कहा कि 'संसदीय कार्य मंत्री और चीफ व्हीप होकर सीएलपी की मीटिंग में यह लोग नहीं आते, स्टेज सजाते हैं और हाईकमान के खिलाफ बयानबाजी करते हैं, उस हाईकमान के खिलाफ जिसने इन्हें वो सब दिया जिसके बारे में इन्होंने कभी सोचा भी नहीं होगा, ऐसे में सबसे बड़े गद्दार तो यह दोनों हैं।'

दिव्या मदेरणा ने महेश जोशी पर निशाना साधते हुए कहा कि आज के बाद मैं चीफ व्हीप महेश जोशी द्वारा दिए गए किसी आदेश की पालना में नहीं करूंगी, चाहे कुछ भी हो जाए। ऐसा व्यक्ति जो मीटिंग में विधायकों को बुलाकर खुद गायब हो जाए ऐसे व्यक्ति के आदेश क्या मानने। खुद महेश जोशी कैबिनेट रैंक के दो पद लेकर सरकार में बैठे हैं। ऐसे क्या उनमें हीरे जड़े हैं। आज अगर इस एपिसोड से सबसे ज्यादा कोई विक्टिम हैं तो कांग्रसे का कार्यकर्ता है। और इसके लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार शांति धारीवाल और महेश जाशी हैं। दोनों ने हाईकमान के खिलाफ स्टेज सजाया और बाड़ाबंदी करके बैठ गए।

दिव्या ने कहा कि आज आप व्यक्तिगत बात कर लो कोई भी विधायक यह नहीं कहेगा कि हम आलाकमान के फैसले के खिलाफ हैं। इन्होंने अपने पॉलिटिकल इंट्रेस्ट के लिए यह सारा खेल किया। दिव्या मदेरणा ने कहा कि शांति धारीवाल ना मुख्यमंत्री की रेस में कल थे ना आज हैं बस यूडीएच लेकर बैठे हैं। अजय माकन जी ने स्पष्ट कर दिया वन लाइन का रिज्यूलेशन पास कराने आए थे। आज धारीवाल जी अनुशासन कहां गया, महेश जोशी यहां व्हीप जारी करते हैं और खुद ही बैठक से गायब रहते हैं। निश्चित रूप से सोनिया गांधी जी के आदेशों की अवहेलना हुई है। आला कमान को महेश जोशी कब से निर्देशित करने लगे।

बता दें कि राजस्थान कांग्रेस की राजनीति में चल रहे एपिसोड में विधायक दिव्या मदेरणा भी काफी छाई हुई हैं, वो ही एक ऐसी विधायक हैं जिन्होंने बहुत ही परिपक्वता के साथ देश की हिंदी और अंग्रेजी मीडिया के सामने अपनी बात पूरी साफगाई, बोल्डनेस, परिपक्वता के साथ रखकर खुद को साबित किया है। और लगातार मीडिया में छाई हुई हैं। वो ना पायलट गुट का समर्थन कर रहीं हैं और ना ही गहलोत गुट का, लेकिन वो हाईकमान के अपमान के खिलाफ लगातार अपना पक्ष बिना किसी संकोच के रख रही हैं।