राजस्थान में कोरोना की रैपिड टेस्टिंग किट निकली फर्जी! देशभर में किट से जांच पर रोक


जयपुर. राजस्थान पूरे देश में कोरोना रैपिड टेस्ट करने वाला पहला राज्य बना ही था कि अब सबसे पहले इस पर रोक लगाने वाला राज्य भी बन गया. इस प्रदेश को किसी की ऐसी नजर लगी कि आशा की एक किरण निराशा में बदल गई.

रैपिड टेस्टिंग शुरू होते ही राजस्थान के प्रशासन और जनता ने राहत महसूस की थी कि अब टेस्टिंग में काफी तेजी आएगी और कोरोना महामारी से ज्यादा से ज्यादा लोगों के स्वास्थ्य का हाल जाना जा सकेगा. पर यह क्या, यहां तो किट ही फर्जी निकले! क्योंकि संक्रमितों को भी इस किट ने जांचा गया तो निगेटिव रिपोर्ट आई जबकि वो कोरोना पॉजिटिव थे. टेस्ट एक्यूरेसी 90% होनी चाहिए, जबकि यहां महज 5% देखने को मिली. यानी साफ है किट कोरोना जांच में फेल पाई गई. रैपिड टेस्ट किट से 1232 लोगों के टेस्ट किए गए. सिर्फ दो लोगों के पॉजिटिव होने के संकेत मिले.

टेस्ट के नतीजे कितने सही हैं, यह जानने के लिए संक्रमितों की भी जांच की गई. उनको भी किट जांच में नेगेटिव पाया गया. ऐसे में राजस्थान सरकार ने रैपिड टेस्ट किट से जांच पर ही रोक लगा दी है. राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने किट के नतीजों में क्वॉलिटी की कमी से ICMR को अवगत करा दिया है.

 राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा के मुताबिक 'रैपिड टेस्टिंग किट का प्रभाव जानने के लिए एक कमेटी बनाई थी. इन किट्स की एक्यूरेसी 90 प्रतिशत होनी चाहिए थी, पर यह महज 5.4 प्रतिशत ही आ रही है. टेस्टिंग के वक्त तापमान को लेकर जो गाइडलाइन थी, उसका भी पालन किया गया था. बावजूद इसके परिणाम सटीक नहीं हैं. अब विशेषज्ञों की टीम ने सलाह दी है कि इस टेस्टिंग किट के इस्तेमाल से कोई फायदा नहीं है. ऐसे में रैपिड टेस्टिंग किट से जांच रोक दी गई है. अब पहले की तरह पीसीआर से जांच होगी.'

बडी बात यह है कि जयपुर के SMS अस्पताल में डॉक्टरों ने संक्रमितों की जांच के लिए रैपिड टेस्ट किट से बेहतर पीसीआर जांच को माना है. वैसे आपको बता दें 17 अप्रैल को जयपुर में पहली बार रैपिड टेस्ट किट से जांच की गई थी. प्रदेश को अब तक 40 हजार रैपिड किट मिल चुकी हैं. कुल एक लाख किट मंगाए गए थे. एक किट की कीमत करीब 610 रुपए बताई जा रही है. राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की मानें तो रैपिड एंटीबॉडी टेस्ट इंडियन कॉउन्सिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के दिशा-निर्देशों के तहत ही किए जा रहे हैं. इसके लिए टेस्ट किट की खरीद भी ICMR की इजाजत के बाद ही की गई थी.

उधर राजस्थान सहित कुछ राज्यों की ओर से ICMR को रैपिड टेस्ट किट मामले में शिकायत की गई, जिसके बाद देश में रैपिड टेस्ट किट से कोरोना टेस्टिंग पर रोक लगा दी गई है. ICMR के मुताबिक, कोरोना के अब तक 4 लाख 49 हजार 810 टेस्ट किए गए हैं.