कांग्रेस नेता गोपाल केसावत की लापता बेटी अपने फ्रेंड वसीम अकरम के पास मिली, अपहरण की कहानी झूठी थी, बोली- अब पिता के साथ नहीं रहना


जयपुर। घुमंतू के बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष और कांग्रेस नेता गोपाल केसावत की लापता बेटी को दस्तयाब करने के बाद पुलिस जयपुर ले आई। अभिलाषा को अहमदाबाद से लेकर शुक्रवार सुबह पुलिस जयपुर पहुंची। अहमदाबाद में जिस दोस्त के साथ अभिलाषा ठहरी थी, उसे भी पुलिस अपने साथ जयपुर ले आई।

पुलिस ने दोनों से पूछताछ के बाद लड़की के बयान दर्ज किए। डीसीपी (ईस्ट) करण शर्मा के मुताबिक कांग्रेस नेता गोपाल केसावत की लापता बेटी अभिलाषा अहमदाबाद के बोपल में मिली थी। गुरुवार दोपहर लोकेशन के आधार पर लापता अभिलाषा को एक सैलून से ढूंढ निकाला।

अहमदाबाद के उस सैलून में टोंक के राजमहल का रहने वाला दोस्त वसीम अकरम जॉब करता है। वह सैलून में ही बने कमरे में अपने दोस्त वसीम के साथ रुकी हुई थी।

शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे अभिलाषा और उसके दोस्त वसीम को अहमदाबाद से पुलिस टीम जयपुर लेकर पहुंची। जयपुर पहुंचने पर दोनों से पूछताछ की गई, जिसके बाद अभिलाषा के बयान दर्ज किए गए।

अभिलाषा ने बयानों में बताया कि मैंने घरवालों को झूठ बोला था कि कोई लड़के मेरे पीछे पड़े हुए हैं। घर से एक किलोमीटर दूर स्कूटी एयरपोर्ट रोड पर खड़ी की। ऑटो करके 200 फीट बाइपास पहुंची। वहां से बस में बैठकर अहमदाबाद अपने दोस्त वसीम अकरम के पास पहुंच गई। मैं अपनी मर्जी से गई थी। इसमें दोस्त वसीम का कोई दोष नहीं है। वसीम से करीब 4 साल पहले जयपुर में उसकी दोस्ती हुई थी। पुलिस टीम ने शुक्रवार दोपहर को अभिलाषा को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट में अभिलाषा ने अपने बयान दिए। बयानों में कहा कि मैं अपनी मर्जी से गई हूं। अब मैं अपने घर नहीं जाना चाहती। अपने पिता के पास नहीं जाना चाहती। मैं बालिग हूं। मैं अपने स्तर पर जीना चाहती हूं। अलग रहना चाहती हूं। लड़के का कोई दोष नहीं है, वह मेरा दोस्त है।

कोर्ट ने कहा कि लड़की की उम्र 22 साल है। वह अपने निर्णय लेने में स्वयं सक्षम है। इसको स्वतंत्र किया जाता है। दिल्ली यूनिवर्सिटी में बीए थर्ड ईयर में पढ़ने वाली अभिलाषा को कोर्ट के निर्णय के बाद स्वतंत्र कर दिया गया। पुलिस के अभिलाषा से जाने के बारे में पूछा। अभिलाषा ने बताया कि वह अपने स्तर पर दिल्ली जाकर रहना चाहती है। दिल्ली जाकर अपनी पढ़ाई पूरी करेगी।