जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रीट पेपर लीक मामले में सीबीआई जांच की बीजेपी की मांग पर विपक्ष को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा कि "मैंने पहले भी कहा था कि सरकार के लिए सबसे आसान काम परीक्षा को रद्द कर दोबारा आयोजित करवाना है। युवाओं के हित में सरकार ने SOG को फ्री हैंड देकर निष्पक्ष जांच करवाई जो अभी भी जारी है। परन्तु विपक्ष ने जांच के नतीजों का इंतजार किए बगैर युवाओं को भड़काकर हिंसात्मक माहौल बनाया। लाखों अभ्यर्थियों की संतुष्टि के लिए हमने रीट लेवल 2 की परीक्षा रद्द कर 30,000 पद बढ़ाते हुए पुन: आयोजित करवाने की घोषणा की है। SOG अपना काम निष्पक्षता से कर रही है इसलिए ही आरोपी लगातार पकड़े जा रहे हैं एवं रोज नए खुलासे हो रहे हैं। विपक्षी लोग सिर्फ इसलिए CBI जांच की मांग कर रहे हैं जिससे ये भर्तियां लम्बे समय तक अटक जाएं और विपक्ष सरकार को बदनाम कर सके कि युवाओं को नौकरियां नहीं दी जा रही हैं। ये युवाओं के हित में नहीं है।"
गहलोत ने कहा कि "हमारी सरकार SOG से पूरी जांच करवाकर सभी दोषियों को सजा दिलवाएगी चाहे वो कितना भी प्रभावशाली क्यों ना हो। हर मामले पर बार-बार CBI जांच की मांग करने वाली भारतीय जनता पार्टी को पिछले तीन साल में CBI को दी गई जांचों का नतीजा बताना चाहिए। मनोहर राजपुरोहित लापता केस पाली, लवली कंडारा एनकाउंटर केस जोधपुर, अलवर विमंदित बालिका प्रकरण में CBI को दी गई जांच अभी तक प्रारम्भ नहीं की गई है। भाजपा को जवाब देना चाहिए कि CBI को दी गई इन जांचों का नतीजा कब तक आएगा? BJP के नेताओं को प्रधानमंत्री एवं गृहमंत्री से मिलकर शीघ्र ही अलवर विमंदित बालिका प्रकरण सहित उपरोक्त लम्बित जांचों का निस्तारण करवाना चाहिए।"