जयपुर. 'राजस्थान में कांग्रेस की अशोक गहलोत सरकार सो रही है, सारी संवेदनाएं खो चुकी है, विगत 20 महिनों के कांग्रेस शासन में 4 लाख 35 हजार मुकदमे दर्ज हुए हैं, जिनमें 11 हजार 200 मुकदमे हत्या,हत्या के प्रयास,बलात्कार, छेड़छाड़, यौन शोषण से संबंधित हैं.' राजस्थान सरकार पर यह आरोप लगाए हैं बीजेपी के प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने. कहने को तो सतीश पूनिया अपने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ देश में कानून व्यवस्था के उल्लंघन के खिलाफ सडकों पर थे पर ठीक इसी दौरान वो भी कोरोना गाइडलान्स के नियमों को तोडकर खुद कानून के उल्लंघन के भागीदार भी बने. जहां बडी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ सिविल लाइन्स फाटक पर जमकर प्रदर्शन और नारेबाजी की गई.
हालात यह रहे कि राजस्थान में अपराधों के खिलाफ भाजपा का हल्ला बोल और प्रदर्शन दूर तलक सुनाई दे इस उम्मीद कई कार्यकर्ताओं ने मास्क तक हटा दिए. सोशल डिस्टेंसिंग तो दूर दूर तक नजर नहीं आई. प्रदर्शन कर रहे लोगों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की तक हुई. इस दौरान कोरोना के नियम भी जमकर तोड़े गए. वैसे आपको बता दें कि खुद भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया कुछ दिनों पहले ही कोरोना संक्रमित हुए थे और 17 सितंबर को उन्होंने खुद ट्वीट कर अपने ठीक होने की जानकारी दी थी.
हालांकि इस आंदोलन के दौरान कोई बडे नेता सतीश पूनिया के साथ नजर नहीं आए. आलम यह रहा कि बीजेपी के नेता खुद अखिल शुक्ला के सोशल मीडिया और व्हाटस एप पर मैसेज वायरल हुए जिन्होने कोरोना संकटकाल में इस तरह के भीडभरे आंदोलनों और प्रदर्शनों की निंदा की.