सरकार ने जीता विश्वासमत, बाड़ेबंदी से कांग्रेस विधायक हुए आजाद


जयपुर. राजस्थान सरकार ने लंबे समय से जारी आशंकाओं और विवादों के बीच आखिरकार फ्लोर टेस्ट पास कर लिया है. कानून और संसदीय कार्य मंत्री शांति कुमार धारीवाल ने विश्वास मत के लिए प्रस्ताव रखा था. जिसको चर्चा के बाद ध्वनिमत से सरकार ने जीत लिया.

इसके साथ ही पिछले एक माह से भी ज्यादा लंबे वक्त से घरों से दूर बाड़ेबंदी में बंद विधायक भी आजाद हो गए हैं, और सदन में विश्वास मत हासिल करने के साथ ही तुरंत विधायक अपने अपने घरों के लिए रवाना हो गए. यानी कभी जयपुर होटल फेयरमोंट में तो कभी जैसलमेर के सूर्यगढ़ में बाड़ेबंदी में रहने वाले विधायक आजादी के पर्व गणतंत्र दिवस के एक दिन पहले इससे मुक्त हो गए.

उधर सीएम अशोक गहलोत ने विश्वासमत के दौरान कहा कि राजस्थान प्रकरण को लेकर सबसे ज्यादा धक्का अमित शाह को लगा होगा. साथ ही गहलोत ने उन पर विपक्ष की ओर से लगाए गए तमाम आरोपों को भी अस्वीकार किया. उन्होने कहा कि कोरोना को लेकर जिस तरह से आपने चर्चा की उसको लेकर अफसोस है. कोरोना काल में पूरी दुनिया राजस्थान की तारीफ करती है. प्रधानमंत्री मोदी कहते हैं कि कोरोना रोकथाम को लेकर अन्य राज्यों को राजस्थान से प्रेरणा लेनी चाहिए. मैंने तो उनसे ऐसा कहने को तो नहीं कहा. भीलवाड़ा मॉडल को लेकर हमने पीएम को नहीं बताया.